CM पर आक्रामक हुए नेता प्रतिपक्ष:कोरोना से बेकाबू हालात पर तेजस्वी ने मुख्यमंत्री से पूछा- अंतरात्मा को वेंटिलेटर पर डाल दिए हैं क्या?

पटना7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव। - Dainik Bhaskar
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव।
  • आरोप लगाया कि ऑक्सीजन की कमी को लेकर सरकार कोर्ट में भी झूठ बोल रही है
  • कहा कि आज महत्वपूर्ण गिने-चुने वेंटिलेटर चलाने के लिए 80% ऑपरेटरों की कमी है

कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर काफी आक्रामक बयान आया है। उन्होंने सरकार को घेरने के लिए सरकार के ही आंकड़ों का सहारा लिया है। उन्होंने कहा है कि नीतीश सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय में वही कहा है जो मैं कई वर्षों से कह रहा हूं। बिहार में 57% डॉक्टर, 71% नर्स , 72% लैब टेक्नीशियन और 50% ANM की कमी है। कहा कि और आज सबसे महत्वपूर्ण गिने-चुने वेंटिलेटर चलाने के लिए 80% ऑपरेटरों की कमी है। उन्होंने नीतीश कुमार से सवाल पूछा है कि- अब कब जागिएगा माननीय मुख्यमंत्री जी? कृपया जागिए।

आज उसी तेवर से जवाब क्यों नहीं देते ?
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि जब मैं स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों में रिक्त पड़े लाखों पदों की बहाली की आस लगाए युवाओं को चुनावों में विश्वास दिला रहा था, तब आप बड़े अहंकार से कहते थे- "उसको कुछ पता है? कहां से उतने लोगों को बहाल करेगा ?" आज उसी तेवर और अहंकार से उच्च न्यायालय को आप जवाब क्यों नहीं देते?

सभी तैयारी कर लेने के ताल ठोककर किए वादे कहां ?
उन्होंने कहा कि एक साल हो गया कोविड महामारी को आए। आपने जो पिछली बार सभी तैयारी कर लेने के ताल ठोककर दावे किए थे, वह तैयारी, वह संरचना, वह सामग्री, वह भंडार, वे कर्मी, वह अस्पताल, वो तालमेल और वो अहंकारी आत्ममुग्ध 'मुखिया' कहां है? आपकी सारी तैयारी क्या बस आंकड़े छुपाने और लोगों को 'निपटाने' की ही थी?

सैकडों लोग ऑक्सीजन जैसी मूलभूत जरूरत के अभाव में रोज मर रहे हैं और आप माननीय उच्च न्यायालय के सामने ही सफेद झूठ बोल रहे हैं कि "ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है?" अस्पतालों में संवेदना, बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर से लेकर मास्क, इंजेक्शन, दवा, PPE किट, कर्मी, साबुन, सैनिटाइजर, साफ सफाई, यहां तक कि कर्मी ...हर चीज़ की कमी है। आपमें और आपकी सरकार में इच्छाशक्ति, तालमेल, सेवाभाव और सोच की कमी है। कुछ बहुतायत हैं तो वो है असहायपन, पीड़ा, मृत्यु व चिताएं।

पूछा है कि- आप तो अंतरात्मा की आवाज सुनने का दावा करते थे CM साहब! अंतरात्मा को वेंटिलेटर पर डाल दिए हैं या शराब माफिया की तरह मुनाफाखोरों को बेच दिए हैं?