नीतीश पर तेजस्वी के गंभीर आरोप:बोले- JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय चयन परिषद के अध्यक्ष और DSP को बचा रहे हैं नीतीश, किस मजबूरी में युवाओं की प्रतिभा की बली चढ़ा रहे?

पटना5 महीने पहले
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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर साधा निशाना। - Dainik Bhaskar
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर साधा निशाना।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर दागी अफसरों और JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही बिहार के युवाओं की प्रतिभा की हत्या करने का भी आरोप लगाया है। इस पर सियासत गरमा गई है। वहीं, जदयू ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सवाल पूछा है कि आखिर क्यों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक DSP, जिस पर नाबालिग दलित लड़की के बलात्कार के साथ साथ केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) में भी भारी धांधली करने का आरोप हैं, को बचा रहे हैं?

उन्होंने कहा है कि यह DSP केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) के अध्यक्ष का OSD रहा है। इस DSP और चयन परिषद के अध्यक्ष का क्या संबंध रहा है यह पूरा प्रशासन और पुलिस महकमा जानता है। केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) के विवादित अध्यक्ष और मुख्यमंत्री की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का क्या, कैसा और कब से कौन सा संबंध है यह भी सर्वविदित है।

नीतीश के खिलाफ तेजस्वी का ट्वीट।
नीतीश के खिलाफ तेजस्वी का ट्वीट।

सेवानिवृत्ति के बाद भी वैसे लोगों को बड़े पद क्यों देते हैं?

नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए ऐसे लोगों को तुरंत हटाया जाए। क्या जिले और जात के लोगों के अलावा चढ़ावे का हिस्सा भी मजबूरी है जो नीतीश कुमार उन्हें पद पर बनाए हुए है? हर भर्ती और चयन प्रक्रिया का कमोबेश यही हाल है। मुख्यमंत्री को ऐसी क्या लालच और फायदा है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वो ऐसे लोगों को बड़े पद देकर उपकृत कर रहे हैं? मुख्यमंत्री जवाब दें?

DSP की पत्नी ने सबूत सहित अपने पति पर आरोप लगाया है

तेजस्वी ने कहा कि इस DSP ने एक दलित नाबालिग का बलात्कार किया व भर्ती परीक्षा में धांधलियां की। यह आरोप स्वयं DSP की पत्नी ने सबूत सहित मीडिया के समक्ष अपने पति पर लगाया है। ऐसी क्या मजबूरी है कि गिरफ्तारी तो दूर की बात, निष्पक्ष जांच को भी ऊपर से बाधित किया जा रहा है? FIR दर्ज करने में भी जान बूझकर देरी की गई। इस अधिकारी के विरुद्ध जांच और गिरफ्तारी होने से प्रत्यक्ष रूप से बिहार के पूर्व DGP और वर्तमान केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) के अध्यक्ष को बचा रहे हैं। मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस विभाग अब इस भ्रष्ट और व्याभिचारी अधिकारी पर दिखावटी कार्यवाही कर रहा है।

ड्राइवर बहाली में क्या-क्या गुल खिलाए

उन्होंने कहा कि बिहार का हर अभिभावक और अभ्यर्थी जानता है कि नीतीश कुमार और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष के संरक्षण, निर्देश और शह पर केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) के अध्यक्ष ने अपने इस OSD के साथ मिलकर व्यापक पैमाने पर सिपाही भर्ती में धांधली और घोटाले को अंजाम दिया है। 2017 ड्राइवर (सिपाही भर्ती) में भी क्या-क्या गुल खिलाए गए, यह कौन नहीं जानता?

भारी रिश्वत और लेन-देन के खेल का आरोप

तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा सौंपी गई सूचियों के आधार पर सिपाही भर्ती में अनियमित तरीके से अधिकांश नियुक्ति एक जिला और जात की होने के बाद बाकी नियुक्तियों में भारी रिश्वत और लेन-देन का खेल शुरू होता है जिसका हिस्सा ऊपर तक जाता है। इसी गठजोड़ के तहत पूर्व विवादित DGP को सेवानिवृत्त होने के बाद भी नीतीश कुमार ने महत्वपूर्ण पद देकर व्यवस्था में जमा रखा है ताकि वो उनकी एक जिला-एक जात की जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ भ्रष्टाचार और अनैतिक राजनीति को भी मजबूती देते रहें।

अनेक ऑडियो वायरल

स्वयं इनके OSD की धर्मपत्नी पर किसकी कैसी नजर थी यह बात खुद उसने अपनी पत्नी को बताई थीं। बाजार में अनेक ऑडियो वायरल हो रहे है जो दर्शाता है सत्ता शीर्ष पर बैठे इस गुट के कुछ खास लोगों का चाल चरित्र और चेहरा कैसा है?

प्रतिभाशाली और बेरोजगार युवा नौकरी से वंचित

चयन परिषद के महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति एवं सत्ता शीर्ष के इस अनैतिक और भ्रष्ट गठजोड़ ने बिहार के लाखों युवाओं की जिंदगी चौपट कर दी है। जाति, जिला, अन्याय और पैसे के आधार पर अयोग्य युवकों का पुलिस विभाग में चयन किया जा रहा है जिससे योग्य, सक्षम और प्रतिभाशाली युवा और बेरोजगार नौकरी पाने से वंचित रह जाते हैं।

बिहार पुलिस की कार्यक्षमता और अधिक प्रभावित होगी

तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चयन प्रक्रिया की बागडोर अगर ऐसे ही लोगों के हाथ में देकर जाति और पैसे के आधार पर अक्षम लोगों की नियुक्ति जारी रखेंगे। तो यकीन मानिए पहले से ही बदहाल बिहार पुलिस की कार्यक्षमता और अधिक प्रभावित होगी।

JDU बोली- आरोप बेबुनियाद

वहीं, जदयू ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया है। जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि तेजस्वी यादव बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। वे अपने माता-पिता वाला राज देखना चाहते हैं। हमारी सरकार में जेनुइन काम होता है और पूरी पारदर्शिता बरती जाती है।

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