तेजस्वी ने शराब कांड पर नीतीश को घेरा:कहा- कोई भी शीर्ष अधिकारी बर्खास्त नहीं हुआ; जदयू का तर्क- आरोप से पहले साक्ष्य दें

पटनाएक महीने पहले
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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव। - Dainik Bhaskar
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर कहा है कि विगत तीन दिनों में शराब माफिया संग मिल बिहार सरकार द्वारा आपूर्ति की गई जहरीली शराब से 50 से अधिक लोगों की संस्थागत हत्या हुई है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।

उन्होंने कहा कि शराबबंदी का ढोंग करने वाले संवेदनहीन मुखिया चुप हैं, क्योंकि मिलीभगत जो है। नीतीश सरकार की अवैध शराब के कारोबार और तस्करी में सीधी और प्रत्यक्ष संलिप्तता है। सिपाही और चौकीदार को बर्खास्त करना ही शराबबंदी नहीं है। बिहार में मद्य निषेध और उत्पाद विभाग व पुलिस का कोई भी शीर्ष अधिकारी आज तक बर्खास्त नहीं हुआ है, क्योंकि शीर्ष लोगों की मिलीभगत के बिना सरकार शराब नहीं बेच सकती।

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह सच्चाई नहीं है कि थानों से शराब की बिक्री हो रही है? क्या यह सच नहीं है कि वरिष्ठ अधिकारियों और सत्ताधारी नेताओं तक कमीशन नहीं पहुंच रहा है? क्या यह सच नहीं है कि कुख्यात शराब माफिया की मुख्यमंत्री आवास में सीधी पहुंच नहीं है? क्या यह यथार्थ नहीं है कि शराबबंदी के नाम पर मुख्यमंत्री द्वारा की गई हजारों समीक्षा बैठकों का अभी तक का परिणाम शून्य ही नहीं बल्कि तस्करों को प्रोत्साहित करने वाला ही साबित हुआ है।

आरोप लगाने के पहले साक्ष्य भी लाएं सामने - जदयू
जदयू प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने कहा है कि विपक्ष के नेता हजार किमी दूर रहते हैं। तकनीक का युग है। उनको आरोप लगाने में सुविधा है। जैसे उनके पिता के खिलाफ भ्रष्टाचार का साक्ष्य है, वैसे ही उनको किसी पर आरोप लगाने से पहले साक्ष्य भी सामने लाना चाहिए।

कहा कि शराबबंदी के फैसले में उनके पिता लालू प्रसाद की भी सहमति थी। विधानसभा में सर्वदलीय सहमति भी थी। गोपालगंज में जब घटना हुई थी, तब सवाल नहीं उठाया था। वे सुझाव दें सारी बातों पर विचार करके कि इसे किस तरह प्रभावी रूप से लागू किया जा सकता है। सामाजिक सरोकार के विषय का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए।