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तेजस्वी-नीतीश के दिल मिल रहे हैं!:तेजस्वी ने जातीय जनगणना पर PM को लिखी चिट्‌ठी, बोले- 39 MP देने वाले बिहार के CM से नहीं मिल रहे मोदी, यह राज्य का अपमान

पटनाएक वर्ष पहले

बिहार में धीरे-धीरे सियासी समीकरण बदलने लगा है। जातीय जनगणना की मांग के बहाने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) करीब आने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मिलने का समय नहीं देने के मामले को RJD नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के सम्मान से जोड़ दिया है।

शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा- 2019 में तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जातीय जनगणना कराने का ठोस आश्वासन दिया था। बिहार के लोगों ने 40 लोकसभा सीटों में से 39 सीटे भाजपा गठबंधन को दे दिया। इसके बावजूद PM मोदी 10 दिनों से CM नीतीश कुमार को मिलने का वक्त नहीं दे रहे हैं। वह बिहार के मुख्यमंत्री का अपमान कर रहे हैं'।

उन्होंने बताया- ' जातीय जनगणना कराने को लेकर मैंने भी प्रधानमंत्री को चिट्‌ठी लिख दी है। अगर जातीय जनगणना नहीं हुई तो धरना देंगे।'

CM की चिट्ठी का जवाब नहीं आया तो राजनीति गर्म

राजद के अन्य नेताओं के साथ प्रेस कांफ्रेंस करते नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव।
राजद के अन्य नेताओं के साथ प्रेस कांफ्रेंस करते नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव।

तेजस्वी यादव ने पत्र में कहा है कि- युगों-युगों से उत्पीड़ित, अपहासित, उपेक्षित और वंचित पिछड़े वर्ग, अति पिछड़े वर्ग की जातीय जनगणना नहीं कराने की सरकार द्वारा संसद में लिखित सूचना दी है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। पिछड़े- अतिपछड़े वर्ग वर्ग युगों से अपेक्षित प्रगति नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में जाति की गणना नहीं कराई जाएगी तो पिछड़ी- अतिपिछड़ी जातियों की शैक्षणिक, सामाजिक, राजनैतिक व आर्थिक स्थिति का न तो सही आकलन हो सकेगा और न ही उनकी बेहतरी व उत्थान संबंधित समुचित नीति निर्धारण हो पाएगा और न ही उनकी संख्या के अनुपात में बजट का आवंटन हो पाएगा।

तेजस्वी यादव की ओर से PM मोदी को लिखी गई चिट्ठी।
तेजस्वी यादव की ओर से PM मोदी को लिखी गई चिट्ठी।

जात-पांत की नहीं करते हैं राजनीति

तेजस्वी यादव ने कहा- 'विधानसभा से दो बार जातीय जनगणना पर प्रस्ताव पास हो चुका है। इसके बावजूद केंद्र सरकार जातीय जनगणना नहीं करा रही है। हमारी मांग है कि कर्नाटक सरकार की तरह हर सरकार अपने खर्चे पर जनगणना कराएं। 50 फीसदी बैकलॉग पद खाली है। जातिगत जनगणना की मांग करने का मतलब यह नहीं है कि हम जात-पांत की राजनीति करते हैं। इससे ही जातियों की संख्या का पता चल पाएगा और उनकी स्थिति का भी पता चल पाएगा। इसीलिए, जाति जनगणना जरूरी है'।

PM ने नीतीश को अब तक समय नहीं दिया

OBC का आरक्षण बढ़ाने की मांग

लालू प्रसाद ने भी कई बार जातीय जनगणना की मांग की है। यह सिर्फ बिहार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। तेजस्वी यादव ने यह भी मांग की है, 'OBC को मिल रहे 27 परसेंट आरक्षण को भी बढ़ाया जाए। राज्य सरकारों को ओबीसी की सूची बना देने का अधिकार देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जातिगत जनगणना करानी पड़ेगी, तभी सही इलाज हो पाएगा। अगर केंद्र सरकार जाति जनगणना नहीं कराती है तो बिहार सरकार को अपने खर्चे से करानी चाहिए'। किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा- 'किसानों से सरकार को बातचीत करनी चाहिए'।

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