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NEET में ओबीसी आरक्षण पर तेजस्वी का सवाल:कहा- भाजपा सरकार जातिगत जनगणना क्यों नहीं कराना चाहती? CM नीतीश पिछड़ों की हकमारी पर मौन क्यों?

पटना10 दिन पहले
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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव। - Dainik Bhaskar
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव।

NEET एंट्रेंस में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा गरमाता जा रहा है। बुधवार को बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से सवाल पूछा है कि केन्द्र सरकार जातिगत जनगणना के आंकड़े क्यों छुपा रही है? भाजपा सरकार जातिगत जनगणना क्यों नहीं कराना चाहती? सरकार को किस बात का डर है?

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा है कि केन्द्र सरकार ने तय कर लिया है कि सिर्फ अनुसूचित जाति/जनजाति की ही जनगणना होगी। केंद्र की मोदी सरकार ने मेडिकल एंट्रेंस #NEET परीक्षा में 14000 ओबीसी छात्रों का हक खा लिया है। प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री पिछड़ों और अति पिछड़ों की इस हकमारी पर चुप हैं। प्रधानमंत्री जी कह रहे हैं कि हमने OBC, SC/ST वर्गों से मंत्री बनाए हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि इन वर्गों से कितने कैबिनेट मंत्री बनाए हैं? पिछड़े और दलित वर्गों के जो भी गिने-चुने मंत्री बनाए गए हैं, उन्हें महत्वहीन विभाग देकर महज सांकेतिक प्रतिनिधित्व की खानापूर्ति की गई है। कोई भी अहम विभाग इन वर्गों के पास नहीं है। देश की 60 फीसदी जनसंख्या वाले पिछड़े वर्ग के मात्र 4 -5 मंत्री हैं, जबकि 2-4 फीसदी जनसंख्या वाले वर्ग के दर्जनों मंत्री हैं।

कांग्रेस से सवाल करें तेजस्वी यादवः BJP

BJP प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने तेजस्वी यादव के बयान पर कहा है कि हमारी सरकार ने तो निचले तबके के लोगों को लगातार योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। इन योजनाओं से उन्हें डर लग रहा है, जो ऐसे वर्गों को वोट बैंक के रूप में हमेशा सिर्फ इस्तेमाल करते रहे हैं। पटेल ने कहा कि क्या तेजस्वी यादव को नहीं मालूम है कि पिछड़े वर्ग के नेतृत्व वाली ही सरकार है। केन्द्रीय मंत्रिमंडल में 52 फीसदी पिछड़े-अतिपिछड़े, दलितों का प्रतिनिधित्व हुआ है। तेजस्वी यादव को अपनी उस सहयोगी पार्टी से सवाल करना चाहिए, जिन्होंने 55 वर्षों तक केन्द्र की राजनीति की और निचले तबके को हाशिए पर रखा।

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