तेजस्वी यादव लगातार आलाप रहे 'जातीय जनगणना' का राग:PM को पत्र लिखने के दूसरे दिन कहा- संसद ना सही, लालकिले की प्राचीर से ही PM मोदी कर दें घोषणा

पटना4 महीने पहले
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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ओबीसी के मिल रहे 27 फीसदी आरक्षण को बढ़ाने की भी मांग की थी। - Dainik Bhaskar
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ओबीसी के मिल रहे 27 फीसदी आरक्षण को बढ़ाने की भी मांग की थी।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जातीय जनगणना कराने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के दूसरे दिन शनिवार को इससे जुड़ी एक और मांग रख दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा है, 'संसद ना सही, लेकिन लालकिले की प्राचीर से 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से गरीब, वंचित, उपेक्षित, पिछड़े व अतिपिछड़े वर्गों के उत्थान और समावेशी विकासात्मक कार्यों को समुचित गति देने के लिए जातीय जनगणना कराने की घोषणा करने की मांग करता हूं।'

उन्होंने आगे कहा- 'सभी जाति की गणना नहीं कराने की बात केन्द्र सरकार कह चुकी है। बिहार में सर्वसम्मति से दोनों सदनों से दो बार जातिगत जनगणना कराने का प्रस्ताव पास कर केन्द्र को पहले ही भेजा जा चुका है, लेकिन प्रस्ताव को सहमति देने वाली बिहार भाजपा जाति जनगणना कराने से पैर पीछे खींच रही है'।

OBC को मिल रहे आरक्षण को बढ़ाने की मांग भी कर चुके हैं तेजस्वी

RJD के प्रेस कांफ्रेस में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने OBC के मिल रहे 27 फीसदी आरक्षण को बढ़ाने की भी मांग की थी। जातीय जनगणना कराने की मांग के पीछे की सबसे बड़ी वजह यही है कि जिसकी जितनी आबादी उसकी उतनी हिस्सेदारी तय करे सरकार। तेजस्वी को मालूम है कि पिछड़ी जाति की आबादी बढ़ी है और जाति जनगणना हुई तो यह आंकड़ों में भी बढ़ी हुई दिखेगी। तेजस्वी यादव ने मंडल आयोग की शेष सिफारिशों को लागू करने और आरक्षण के दायरे में आने वाली बैकलाॉग रिक्तियों को भी भरने की मांग रखी है।

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