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तेजस्वी ने CM को लिखी चिट्ठी:कहा- बाढ़-सुखाड़ और नदी जोड़ने की योजना पर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल बनाकर PM मोदी से मिलें

पटना2 महीने पहले
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तेजस्वी यादव ने इसके लिए CM नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का आग्रह किया है। - Dainik Bhaskar
तेजस्वी यादव ने इसके लिए CM नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का आग्रह किया है।

तेजस्वी यादव ने CM नीतीश कुमार को एक बार फिर चिट्ठी लिखी है। उन्होंने इस बार बिहार में प्रतिवर्ष बाढ़ और सुखाड़ की विभीषिका के कारण होने वाले नुकसान और नदी जोड़ने की योजना पर बात की है। साथ ही इसके लिए CM नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का आग्रह किया है।

तेजस्वी यादव ने लिखा है- 'बिहार देश का एक ऐसा राज्य है जो प्रतिवर्ष बाढ़ की भयानक विभीषिका के साथ-साथ सुखाड़ की गंभीर समस्याओं को भी झेलता है। इससे प्रतिवर्ष करोड़ों लोग प्रभावित होते हैं। हजारों लोगों की असामयिक मृत्यु होती है तथा अरबों रुपए की फसल व जान-माल की क्षति होती है।'

कई जिले प्रत्येक वर्ष बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं

चिट्ठी में लिखा है कि बिहार के कम-से-कम 20 जिले सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, खगड़िया, सारण, समस्तीपुर, सीवान, मधुबनी, मधेपुरा, सहरसा, भागलपुर, कटिहार, वैशाली, पटना आदि ऐसे हैं जो प्रत्येक वर्ष बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं। बिहार की बाढ़ समस्या के समाधान हेतु केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सिर्फ घोषणाएं ही की जा रही है, लेकिन इस समस्या के स्थायी एवं ठोस समाधान की दिशा में ईमानदार कोशिश नहीं हो रही है।

तेजस्वी यादव द्वारा लिखी चिट्‌ठी।
तेजस्वी यादव द्वारा लिखी चिट्‌ठी।

अब तक कोई कार्यान्वयन शुरू नहीं हुआ

उन्होंने लिखा है- 'राज्य में बाढ़ की विभीषिका के स्थायी समाधान के लिए इन नदियों को राज्य की अन्य नदियों जिनमें कम पानी रहता है, से जोड़ना अति आवश्यक है। प्रतिवर्ष हजारों जानमाल तथा अरबों की आर्थिक क्षति को देखते हुए इन योजनाओं को तीव्र गति से मिशन मोड में करने की आवश्यकता है। यह योजना बाढ़ नियंत्रण, पेय जल की उपलब्धता, सिंचाई, पन बिजली उत्पादन सहित राज्य की आंतरिक जलमार्ग के रूप में अति उपयोगी साबित होगा, जिससे राज्य के चहुँमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।'

39 NDA के लोकसभा सांसद होने के बावजूद राज्य को विशेष पैकेज भी नहीं मिल

उन्होंने निशाना साधते हुए कहा है- 'डबल इंजन की सरकार तथा 40 में से 39 NDA के लोकसभा सांसद होने के बावजूद राज्य को विशेष दर्जा देने की बात तो दूर अभी तक विशेष पैकेज भी नहीं मिल पाया है। विगत चार वर्षो में बाढ़ राहत के लिए केन्द्र से बिहार को उचित मदद नहीं मिल पाई, जबकि बिहार से कम जनसंख्या वाले राज्यों को, जहां बिहार की तुलना में बाढ़ की विभीषिका भी काफी कम होती है।'

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