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तेज प्रताप RJD की लालटेन बुझाएंगे!:छात्र जनशक्ति परिषद के मुंगेर प्रमंडल अध्यक्ष संजय कुमार तारापुर से निर्दलीय लड़ सकते हैं चुनाव, संगठन देगा समर्थन

पटना2 महीने पहलेलेखक: प्रणय प्रियंवद
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तेज प्रताप यादव के साथ संजय कुमार। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
तेज प्रताप यादव के साथ संजय कुमार। (फाइल फोटो)

लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की बगावत और तेज हो गई है। उन्होंने उपचुनाव में RJD के खिलाफ प्रत्याशी उतारने का निर्णय किया है। तारापुर सीट से वह छात्र जनशक्ति परिषद के मुंगेर प्रमंडल के अध्यक्ष संजय कुमार को निर्दलीय चुनाव लड़वाने की तैयारी कर रहे हैं।

संजय ने रूस से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और 15 साल रूस में रहकर नौकरी करने के बाद बिहार में रह रहे हैं। छात्र जनशक्ति परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत प्रताप यादव ने बताया- 'संजय कुमार तारापुर से निर्दलीय लड़ेंगे और परिषद उनकी भरपूर मदद करेगा।'

वहीं, भास्कर से संजय कुमार ने कहा- 'यादव जाति से आता हूं और तारापुर विधानसभा में यादवों की संख्या 72 हजार है। 2005 में निर्दलीय और 2010 में कांग्रेस के टिकट से विधानसभा का चुनाव लड़ चुका हूं। अभी नामांकन में समय है।'

बता दें कि तेज प्रताप ने इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में भी जहानाबाद से अपने करीबी को निर्दलीय उम्मीदवार बनाया था। उसके लिए चुनाव प्रचार भी किया था। इससे JDU के चंद्रेश्वर चंद्रवंशी की राह आसान हो गई थी और RJD वहां चुनाव हार गई थी।

RJD में साइडलाइन कर दिए गए हैं तेज प्रताप

बताया जा रहा है कि RJD के अंदर तेजप्रताप के लिए हालात अब अच्छे नहीं रहे। तेजस्वी से तनाव काफी आगे बढ़ चुका है। लालू का साथ भी उन्हें नहीं मिल रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने बुधवार को प्रेस कॉफ्रेंस में कहा था- 'तेज प्रताप यादव को निष्कासित करने का कहां सवाल है, वे तो खुद से ही निष्कासित हो चुके हैं।'

तिवारी के बयान के बाद तेजस्वी और लालू प्रसाद की चुप्पी इसे और ताकत देती है। हालांकि, तेजप्रताप यादव सार्वजनिक रूप से कहते रहे हैं कि उनके पिता लालू प्रसाद को जेल भिजवाने में शिवानंद तिवारी की भूमिका रही है। शिवानंद तिवारी इसका कोई जवाब नहीं देते हैं। हाल में जगदानंद सिंह ने भी कहा था- 'हू इज तेजप्रताप?'

इधर, तेजप्रताप ने हाथ में लालटेन को छात्र जनशक्ति परिषद् का चिह्न बनाया तो उसे लालू और तेजस्वी ने नहीं रखने दिया। इसके कारण उनको चिह्न बदलना पड़ा था।

तेजप्रताप यादव ने संजय कुमार यादव को छात्र जनशक्ति परिषद् का मुंगेर प्रमंडल का अध्यक्ष मनोनीत किया था।
तेजप्रताप यादव ने संजय कुमार यादव को छात्र जनशक्ति परिषद् का मुंगेर प्रमंडल का अध्यक्ष मनोनीत किया था।

दो न्याय अगर तो आधा दो.....

चर्चा इस बात की भी है कि तेज प्रताप कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। दोनों भाइयों के बीच जब विवाद शुरू हुआ था उस समय तेज प्रताप ने दिनकर की कविता को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा था- ‘दो न्याय अगर तो आधा दो, पर इसमें भी यदि बाधा हो, तो दे दो केवल पांच ग्राम, रक्खो अपनी धरती तमाम. हम वहीं खुशी से खायेंगे, परिजन पर असि न उठायेंगे!' इस पर भी RJD राजी नहीं हुआ तो उन्होंने छात्र जनशक्ति परिषद को ताकतवर बनाने का अभियान शुरू किया है। राजनीतिक पार्टी की तरह विभिन्न प्रकोष्ठों का गठन कर रहे हैं।

राजनीतिक पार्टी की राह पर छात्र जनशक्ति परिषद!

तेज प्रताप के मित्र चैतन्य पालित कांग्रेस में रहे हैं, लेकिन गया विधानसभा से उनको टिकट नहीं मिला था। चैतन्य के सरोकार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से रहे हैं। तेज प्रताप अपने मूड के राजनेता माने जाते हैं। वे कांग्रेस में जाएंगे या नहीं यह अभी सिर्फ चर्चा में है। यह तय है कि छात्र जनशक्ति परिषद को वे राजनीतिक पार्टी की राह पर ले जा रहे हैं।

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