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समस्तीपुर नाव हादसे में अब तक 6 की मौत:बागमती नदी में तेज हवा में पलटी थी नाव, 12 लोग थे सवार; मां-बाप और बेटा सहित 6 की मिली लाश, 5 लोग तैर कर निकले

समस्तीपुर4 महीने पहले
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोग।

बिहार के समस्तीपुर जिले में शुक्रवार देर रात बागमती नदी में यात्रियों से भरी नाव पलट गई। जिसके बाद शनिवार दोपहर तक प्रशासन 6 लोगों की लाशों को निकाल चुका है। बाकी लोगों की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि मरने वालों में एक ही परिवार के विजय राम, उसकी पत्नी रीना देवी और पुत्र हसन कुमार भी शामिल हैं। जो नाव से अपने ससुराल नामपुर जा रहे थे। बाकि दो युवक अमन कुमार व रोहित कुमार का शव भी बरामद किया गया है। वहीं, दोपहर में एक और शव बरामद किया गया जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

दरअसल शुक्रवार देर रात चकमेहसी थाना क्षेत्र से गुजरने वाली बागमती नदी में तेज आंधी-तूफान के कारण नाव पलटी थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। फिलहाल नामपुर गांव जाने लोगों को ढूंढने में स्थानीय गोताखोरों सहित गांव वाले जुट गए हैं।

मौके पर अंचलाधिकारी अभय पद दास, चकमेहसी थानाध्यक्ष चंद्र किशोर टूडू लापता लोगों को नदी की धार से निकलवाने के लिए कैंप कर रहे हैं। इस संबंध में थानाध्यक्ष ने बताया कि नाव पर सवार 5 लोग तैरते हुए किसी तरह बांध के समीप पहुंच चुके हैं। अन्य लोगों की तलाश जारी है।

नाव पर सवार लोगों की संख्या को लेकर संशय

नाव पर सवार लोगों की संख्या को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। घटनास्थल पर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोग नाव पर 12 से 14 लोगों के सवार होने की बात बता रहे हैं. तो वहीं कल्याणपुर के सीओ सात लोगों के लापता होने की बात कह रहे हैं।

लोगों की भीड़।
लोगों की भीड़।

कम हो रही गंडक और बागमती की रफ्तार

मानसून के कमजोर पड़ने के साथ ही बारिश कम हो गई। जिसका नतीजा है कि अब नदियों के जलस्तर में भी कमी आने लगी है। जिला से होकर बहने वाली व बाढ़ का मुख्य कारण रहने वाली नदी बूढ़ी गंडक व बागमती तेजी से घट रही है। बताया जाता है कि बीते एक सप्ताह में बूढ़ी गंडक नदी समस्तीपुर व रोसड़ा में डेढ़ से दो मीटर तक घट गई है। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि इस बीच गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। लेकिन अभी भी वह खतरे के निशान से 1.33 मीटर नीचे बह रही है।

बताया जाता है कि बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर एक सप्ताह मंें खतरे के जलस्तर से 45.73 मीटर से एक मीटर से ज्यादा घटकर 1.17 मीटर उपर रह गया है। वहीं रोसड़ा में भी जलस्तर घटकर खतरे के निशान से दो मीटर उपर रह गया है। हालांकि नदी का जलस्तर घटने से कई जगह कटाव की समस्या आ रही है। इसको देखते हुए विभाग बांधों का निरीक्षण करने व कटाव वाली जगह पर सतर्कता बरते हुए है।

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