शिक्षक नियोजन में चयनित अभ्यर्थी डरे-सहमे हुए हैं?:सर्टिफिकेट जमा है, 2 माह बीत जाने के बाद भी इसकी जांच शुरू नहीं; 94 हजार शिक्षकों की बहाली होनी है

पटनाएक महीने पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर।

शिक्षक नियोजन की काउंसिलिंग होने के बाद अभ्यर्थी ज्वाइनिंग लेटर जल्द से जल्द मांग रहे हैं। इसके लिए शिक्षक दिवस के दिन पटना के गर्दनीबाग में धरना भी दिया गया। जानकारी है कि धरना-प्रदर्शन से शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी नाराज हो गए हैं। उनकी नाराजगी का कारण यह है कि सरकार की पहल पर हाईकोर्ट से इस नियुक्ति प्रक्रिया को हरी झंडी मिली और अब अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। राज्य में छठे चरण की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है, जिसमें 94 हजार शिक्षकों की बहाली होनी है।

राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया का इतिहास डराता है

अभ्यर्थियों की पीड़ा अपनी तरह की है। शिक्षक नियोजन में चयनित अभ्यर्थियों को इस बात का सबसे अधिक डर है कि कहीं मामला कोर्ट में न फंस जाए! बिहार में ज्यादातर नियुक्ति प्रक्रिया का इतिहास ही ऐसा रहा है कि उससे अभ्यर्थियों को डर लगने लगता है। इसी वजह से कई बार आवेदन करने से लेकर ज्वाइनिंग तक में चार-पांच साल तक लग जाते हैं। इसलिए अभ्यर्थी चाहते हैं कि उनके हाथ जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र दे दिया जाए।

संघ का दावा कहीं भी सर्टिफिकेट की जांच शुरू नहीं

नियोजित शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह कहते हैं कि इतने तरह के मुकदमे कोर्ट में होते रहते हैं कि नियुक्ति बाधित होने का खतरा रहता है। अभ्यर्थियों की इस भावना को शिक्षा विभाग को समझना चाहिए। वे कहते हैं कि उनके संघ ने कई स्तर पर पता किया लेकिन यही पता चल रहा है कि अभी तक कहीं भी शिक्षक नियुक्ति से जुड़े सर्टिफिकेट की जांच नहीं शुरू हुई है। दूसरी तरफ टीईटी और बीएड के सर्टिफिकेट जमा रहने की वजह से दूसरी जगह आवेदन नहीं कर सकते।

नियोजन इकाई गड़बड़ी करे तो उस पर कार्रवाई करे सरकार

सरकार इसलिए परेशान है कि शिक्षक नियोजन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जानकारी मिल रही है। संघ से जुड़े राजेन्द्र सिंह सवाल उठाते हुए कहते हैं कि नियोजन इकाई तो सरकार की है और अगर यह इकाई पारदर्शी तरीके से काम करे तो फर्जीवाड़ा नहीं हो सकता। सरकार गड़बड़ी करने वाली नियोजन इकाइयों पर जब तक कार्रवाई नहीं करेगी तब तक स्थिति नहीं सुधरेगी। वे सवाल उठाते हुए कहते हैं कि मुजफ्फरपुर के पारू में 34 पंचायतों में किस तरह की गड़बड़ियां हुईं ये सरकार से छिपा है क्या? दूसरी तरफ प्राथमिक निदेशक के पद रंजीत कुमार सिंह की जगह आए नए अफसर अमरेन्द्र प्रसाद सिंह दिसंबर में रिटायर होने वाले हैं।

गड़बड़ी करनेवाले का खामियाजा जेनुईन अभ्यर्थी क्यों भगतें?

दैनिक भास्कर ने कई चयनित अभ्यर्थियों से बात की। उनका यही कहना है कि गड़बड़ी करनेवाला का खामियाजा जेनुईन अभ्यर्थियों को भुगतना पड़े तो यह सिस्टम का फेल माना जाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने कहा है कि वे शिक्षा मंत्री के शुक्रगुजार हैं कि नियोजन प्रक्रिया शुरू हुई। नियुक्ति पत्र देकर इसे मुकाम तक पहुंचाया जाए।

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