बिहार में सरकार के लिए रस्साकशी:BJP याद दिला रही तेजस्वी के 20 महीने का काल, RJD+JDU मिले तो 156 MLA के साथ बनेगी सरकार

पटना16 दिन पहले
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RJD का भाजपा का साथ छोड़कर JDU को सरकार बनाने का ऑफर देने के बाद भाजपा के गलियारे में हड़कंप मच गया है। 2005 से लेकर अब तक JDU और भाजपा साथ रही है। बीच के 29 महीने में दोनों साथ नहीं थी। इसमें 20 महीने तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम थे। अब भाजपा नीतीश कुमार को इशारों-इशारों में उन 20 महीनों को याद दिला रही है। भाजपा के नेता कह रहे हैं RJD ने 20 महीने के शासनकाल में नीतीश कुमार की खूब फजीहत की थी। तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मजबूर होकर मंत्रिमंडल भंग करना पड़ा था और अंत में उन्हें भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनानी पड़ी थी।

नीतीश के सपने काे BJP ने किया स्वीकार

बिहार भाजपा के प्रवक्ता मनोज शर्मा कहते हैं, 'बिहार की जनता ने 2015 में यह मौका RJD को दिया था। वह सत्ता में आए, लेकिन महज 20 महीने की सरकार में जिस तरह से लालू यादव के दोनों पुत्र ने लूट खसोट मचाया था, उससे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार परेशान हो गए थे। 20 महीने की सरकार में मॉल घोटाला, मिट्टी घोटाला, जमीन घोटाला सहित कई घोटालों से धन अर्जित करने के लिए लालू यादव के दोनों युवराज दिन रात मेहनत करने लगे। बिहार के विकास को दरकिनार कर जिस तरह से तेजस्वी एंड टीम ने काम शुरू किया, उसका नतीजा यह था कि नीतीश कुमार को साथ छोड़ना पड़ा और भाजपा के साथ आना पड़ा। RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह को अध्ययन करने की जरूरत है। उन्हें यह जानना और समझना चाहिए कि ताली एक हाथ से नहीं बजती है। यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के डेवलपमेंट का विजन तैयार किया है तो भाजपा ने उस सपने को साकार किया है, जो नीतीश कुमार ने बिहार के लिए देखा था।'

JDU साधे हुए हैं चुप्पी

दरअसल, ये मामला उठा है जातीय जनगणना को लेकर, जिसमें RJD फ्रंट फुट पर खेल रही है। जातीय जनगणना के साथ-साथ अब मसला विशेष राज्य के दर्जे को लेकर भी है। इसमें लगातार RJD JDU पर तंज कस रही है। हालांकि, आज की तारीख में RJD के पास 75 विधायक हैं, कांग्रेस के 19 और लेफ्ट के 16 विधायक हैं। कुल मिलाकर 110 विधायक तेजस्वी यादव को समर्थन दे रहे हैं।

बिहार में सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। JDU के पास 45 विधायक हैं, एक निर्दलीय का भी समर्थन है। ऐसे में यदि JDU और RJD मिल जाते हैं तो कुल 156 विधायकों के समर्थन में सरकार बन सकती है। फिलहाल JDU इस पूरे प्रकरण में चुप है। उसके संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने RJD को धन्यवाद जरूर कहा है, लेकिन बाकी नेता अभी चुप्पी साधे हुए हैं।