गिरिराज के बोल:जनसंख्या नियंत्रण के लिए सड़क से संसद तक आंदोलन की जरूरत बताई; प्रज्ञा पर बोले - जात के भेद से हिन्दुओं को हुआ नुकसान

भागलपुर/गयाएक वर्ष पहले
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह।
  • प्रज्ञा ठाकुर के शुद्र वाले बयान पर दी प्रतिक्रिया
  • श्राद्ध कार्यक्रम में गया आए थे गिरिराज

केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि भारत की जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए लोगों को सड़क से संसद तक आंदोलन करना चाहिए। हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, सबके अंदर इस आंदोलन के लिए जज्बा होना चाहिए। बेगूसराय सांसद ने यह बात गुरुवार को भागलपुर में कही है। अपनी दलील में उन्होंने कहा कि आज दिल्ली के श्मशानों में भी भीड़ लगने लगी है। जनसंख्या वृद्धि को न तो जाति के चश्मे से देखना चाहिए न वोट के। इसे भारत के विकास और सामाजिक समरसता के नजर से देखकर एक कड़ा कानून बनाना चाहिए।

गया में बोले - हिन्दुस्तान में रहने वाले सभी हिन्दू

गिरिराज सिंह ने इससे पहले गुरुवार को ही गया में कहा कि जातीय विभेद से भारत के सनातनी समाज को बड़ा नुकसान हुआ है। इसलिए अब इससे ऊपर उठ कर सोचना होगा। हिन्दुस्तान में रहने वाले सभी लोग हिन्दू हैं। उनका यह बयान भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर के शूद्र वाले बयान के सदर्भ में था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं जात के पचड़े में नहीं, बल्कि सबको राष्ट्रवाद के पचड़े में डालना चाहता हूं।

सनातन को केवल सनातनी समझा जाए

गिरिराज सिंह ने कहा, अब समय आ गया है कि सनातन को केवल सनातनी समझा जाए। जातीय विभेद से ऊपर उठा जाए और राष्ट्रवाद के एक बैनर तले सारे सनातनी को लाया जाना चाहिए। यह आज की जरूरत है। नहीं तो कई घटनाएं देश में हो रही हैं। कुछ दिन पहले यूपी में हुआ, कभी उत्तराखंड में हो जाता है। जहां हमारी संख्या गिर जाती है, वहां दूसरे लोग प्रहार करते हैं। इसलिए अब जाति व्यवस्था की चर्चा की जरूरत नहीं है। जो लोग जिस काम में लगे हैं लगे रहेंगे, उसमें कोई अंतर नहीं है।

वे लक्षद्वीप के प्रशासक दिनेश्वर शर्मा के श्राद्ध के कार्यक्रम में गया के बेलागंज प्रखंड के पाली गांव में आए थे। इस दौरान वे बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल को टाल गए। इस बारे में नीतीश कुमार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से ही कुछ पता करने की बात कही।

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