सफेद यूरिया में कुछ काला है:कृषि मंत्री ने माना- बिहार में है यूरिया की कमी , 3 अगस्त को बयान जारी कर कहा था- बिहार में यूरिया की कोई कमी नहीं

पटनाएक वर्ष पहले
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अमरेन्द्र प्रताप सिंह, कृषि मंत्री। - Dainik Bhaskar
अमरेन्द्र प्रताप सिंह, कृषि मंत्री।

10 दिन पहले बिहार में यूरिया की कमी नहीं होने की बात करनेवाले कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को मान लिया कि बिहार में यूरिया की कमी है । भाजपा कार्यालय के जनता दरबार में बैठे कृषि मंत्री ने कहा है कि इसको लेकर उन्होंने केंद्र सरकार के सामने मांग रखी है। उम्मीद है इस पर जल्द कार्रवाई होगी ।

बिहार में यूरिया की है कमी , मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं

बिहार के विभिन्न जिलों में यूरिया की कमी को लेकर किसान परेशान हैं। कहीं खाद के लिए किसान लाइन में धक्का-मुक्की करने को मजबूर हैं तो कहीं इसकी कालाबाजारी हो रही है । 24 जुलाई को भभुआ में बिस्कोमान केन्द्र के बाहर खाद लेने के लिए किसानों में भगदड़ की स्थिति दिखी थी। स्थिति को सामान्य करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी थी । कुछ ऐसा ही हाल ज्यादातर जिलों का है।

लगातार आती शिकायतों के बाद अब बिहार के कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह भी यह मान रहे हैं कि बिहार में यूरिया की कमी है। उन्होंने कहा है कि बिहार को जितना आवंटन मिलना चाहिए था, उतना नहीं मिल पाया है । इसको लेकर उन्होंने केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख एल मांडविया से भी बिहार के लिए यूरिया के आवंटन की मांग की है ।

कृषि विभाग की ओर से 3 अगस्त को जारी प्रेस रिलीज।
कृषि विभाग की ओर से 3 अगस्त को जारी प्रेस रिलीज।

3 अगस्त को मंत्री ने कमी नहीं होने का किया था दावा

यूरिया की कमी की शिकायतों के बीच बीते 3 अगस्त को कृषि मंत्री ने वीडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश में उर्वरक की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की थी । इस बैठक में विभाग के क्षेत्रीय पदाधिकारी से लेकर उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। बैठक के बाद विभाग के तरफ से मंत्री का एक बयान जारी किया गया था।

इस बयान में कृषि मंत्री के हवाले से कहा गया था कि ''खरीफ 2021 मौसम में यूरिया की माह अप्रैल से जुलाई तक 4.80 लाख मैट्रिक टन की आवश्यकता के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा 31 जुलाई तक 4.50 लाख मैट्रिक टन उपलब्ध कराया गया है। अगस्त माह के लिए भारत सरकार द्वारा 2.73 लाख मैट्रिक टन यूरिया का आवंटन उपलब्ध कराया गया है। इससे स्पष्ट है कि राज्य में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। "

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