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बेगूसराय में कटाव होने से लोगों की बढ़ी परेशानी:गंगा नदी में कटाव से कई घर विलीन, लोगों में दहशत, जलजमाव से बीमारी का भी डर

बेगूसराय11 दिन पहले
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गंगा नदी में कटाव की वजह से बह रहे घर। - Dainik Bhaskar
गंगा नदी में कटाव की वजह से बह रहे घर।

बेगूसराय के मटिहानी प्रखंड के छितनौर गांव में गंगा नदी के कटाव से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। जलस्तर कम होने के बाद नदी में कटाव होने से कई घर विलीन हो गया। वहीं, गांव में जलजमाव होने से बीमारी का भी डर सता रहा है।

कई घर बह गए

छितनौर गांव के शिव कुमार मिश्र का चार खपरैल और पक्का घर गंगा नदी में समा गया। शाम तक कटाव नहीं हो रहा था, रात में अचानक ही तीव्र कटाव होने से अचानक ही सभी सामान समेत जब पूरा घर गंगा में समा गया तो गांव के लोग काफी दहशत में हैं। कटाव से निपटने के लिए लोग बांस काटकर नदी की धारा को मोड़ने की कोशिश कर रहे है। सूचना मिलते ही बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल और जल संसाधन विभाग समेत तमाम विभागीय अधिकारियों की टीम कटाव रोकने की दिशा में लगातार काम कर रही है। लेकिन पूरे गांव में दहशत और भय का माहौल बना हुआ है।

महिलाएं गंगा मैया की कर रही हैं पूजा

नदी किनारे बसे सभी परिवारों के घर पर कटाव का खतरा बना हुआ है। दहशत के मारे लोग घर छोड़ चुके हैं और घर के तमाम पुरुष सदस्य रात भर जगकर अपने घर परिवार की सुरक्षा कर रहे हैं। वहीं महिलाएं गंगा मैया की पूजा-अर्चना कर प्राकृतिक आपदा से बचाने की गुहार लगा रही है। उल्लेखनीय है कि 60 के दशक में भीषण कटाव होने पर खोरमपुर, चकौर एवं छितरौर के बीच बोल्डर पीचिंग कर कटाव निरोधी कार्य किया गया था।

50 सालों तक रही राहत

बोल्डर पीचिंग होने से करीब 50 वर्षों तक लोगों को राहत मिली। लेकिन बीच-बीच में सही तरीके से काम नहीं होने के कारण 2018 में कटाव फिर यहां शुरू हो गया। पिछले वर्ष 2020 में करीब 12 करोड़ की लागत से कटाव निरोधक कार्य किया गया था। इसके तहत बोड़ा में बालू भरकर कटाव रोकने के लिए गंगा किनारे बैरीकेटिंग किया गया था। लेकिन सही तरीके से कटाव निरोधक कार्य नहीं होने के कारण इस वर्ष के गंगा नदी में रौद्र रूप ले लिया तथा भीषण कटाव से लोग हलकान हो रहे हैं।

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