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वर्कशॉप और सीएमई का आयोजन:भारत में लगभग 25% दंपती बांझपन की हैं शिकार: डाॅ. जयदीप मल्होत्रा

आरा18 दिन पहले
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बांझपन के जटिल समस्याओं को लेकर वर्कशॉप में शामिल महिला डॉक्टर। - Dainik Bhaskar
बांझपन के जटिल समस्याओं को लेकर वर्कशॉप में शामिल महिला डॉक्टर।

बांझपन की जटिल समस्याओं के निदान के लिए एक होटल में महिला डॉक्टरों का बांझपन से संबधित वर्कशॉप और सीएमई का आयोजन किया गया। स्वागत डा वंदना सिंह ने किया। यह आयोजन भारत के प्रसिद्ध बांझपन रोग विशेषज्ञ एवं रेनबो आईवीएफ के संस्थापक डॉक्टर नरेंद्र मल्होत्रा एवं जयदीप मल्होत्रा के देखरेख में हुआ।

संबोधित करते डा जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि भारत में लगभग 25% दंपती बांझपन का शिकार है। कई महिलाएं निसंतानता के कारण बहुत कष्ट सहती है। इनमें बहुत कम लोग हैं, जो इसका उपचार करा पाते हैं। संतान न होने के महिलाओं को घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ता है। बल्कि उनके अभिभावकों को इलाज का खर्च भी उठाना पड़ता है।

ऐसे में आईवीएफ तकनीक किसी वरदान से कम नहीं है। मौके पर डा नरेंद्र मल्होत्रा द्वारा बच्चेदानी का दूरबीन जांच का उद्घाटन किया गया। करीब 10 मरीजों का नि:शुल्क में बच्चेदानी का जांच एवं समस्या का निवारण किया गया। श्री वरदान के विश्वस्तरीय लैब में डॉक्टर मल्होत्रा द्वारा बांझपन के विभिन्न कारणों एवं उनके निवारण के अलग-अलग तरीकों पर चर्चा हुई।

उसके उपरांत जयदीप मल्होत्रा द्वारा 10 मरीजों का भ्रूण प्रत्यारोपण किया गया। मौके पर डाॅ. सविता रुंगटा, डाॅ. वंदना सिंह, डाॅ. तनीमा सिंह, डा विजयलक्ष्मी शर्मा, डाॅ. निर्मला वर्मा, डाॅ. संगीता गुप्ता, डा राखी अग्रवाल, डाॅ. यासमीन शमीम, डाॅ. शीला सिंह आदि थे।

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