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होगी सहूलियत:बिहार का दूसरा एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज भोजपुर में बनने से बढ़ेगा रोजगार

आरा8 दिन पहलेलेखक: धर्मेंद्र कुमार सिंह
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बिहार का दूसरा एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज भोजपुर जिले में बनेगा। इसकी स्थापना के लिए कृषि विभाग की पहली प्राथमिकता आरा का जापानी फॉर्म है। हालांकि विभाग के पास जिले में कई जगह जमीन उपलब्ध है। कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने यह बताया कि इसका प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। इसके बाद बिहार सरकार की कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि भोजपुर समेत आसपास के कई जिलों का कृषि के क्षेत्र में तेजी से विकास कराने के लिए यहां एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज को खोलने का फैसला किया गया है। इसके लिए सभी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मालूम हो बिहार में समस्तीपुर के पूसा में केवल एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज है। वहां के बाद आरा में खुलने वाला एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज दूसरा कॉलेज बन जाएगा।

आरा में एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज खुलने से एक तरफ जहां नए-नए कृषि यंत्रों का तेजी से विकास होगा, वही इन यंत्रों का यहां प्रयोग भी किया जाएगा। इससे किसानों को नए नए यंत्र सबसे पहले चलाने का अवसर मिलेगा। इस कारण खेती करने में किसानों को इसका सीधा लाभ पहुंचेगा। वही नए-नए यंत्रों और कृषि के उपकरणों का प्रशिक्षण भी लोगों को यहां दिया जाएगा। प्रशिक्षण लेकर हजारों लोग कृषि से जुड़े व्यवसाय कर रोजगार से जुड़ जाएंगे। इससे पटना और शाहाबाद समेत आसपास के कई जिलों का तेजी से कृषि के क्षेत्र में विकास होने लगेगा।

भोजपुर में इन स्थानों पर भी कृषि विभाग की है नजर
भोजपुर जिले में खुलने वाला एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए विभाग सबसे पहले आरा की जमीन को प्राथमिकता दे रहा है। शहर के कृषि विज्ञान केंद्र में सबसे ज्यादा जमीन होने के कारण पहले वहीं पर कॉलेज खोलने का विचार है। किसी कारणवश इस जमीन पर सहमति नहीं बनी तो कृषि विभाग का बीज गुणन प्रक्षेत्र सात प्रखंडों में है। इनमें शहर से सटे सबसे नजदीक कोईलवर है। इसके बाद बड़हरा, संदेश, शाहपुर, पीरो, जगदीशपुर और तरारी शामिल है।

प्रस्ताव पास हो जाने के बाद पैसे और जमीन की कमी नहीं होगी।
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज बनाने में करोड़ों रुपए की लागत आएगी। इसके लिए कम से कम 20 से 25 एकड़ जमीन की भी आवश्यकता होगी। इस संबंध में कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बिहार कैबिनेट से एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज बनाने का प्रस्ताव पास हो जाने के बाद पैसे और जमीन की कमी नहीं होगी। इसके लिए सभी जरूरी संंसाधन मुहैया कराए जाएंगे।

कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए जल्द ही भेजा जाएगा : कृषि मंत्री
बिहार का दूसरा एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज आरा में बनेगा। इसके लिए सभी प्रकार की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। विभाग के द्वारा प्रस्ताव बनाने के बाद इसे कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस कॉलेज के बनने से पटना और शाहाबाद समेत दक्षिण बिहार के कई जिलों के किसानों को भी लाभ मिलेगा।

भोजपुरवासियों को इस वर्ष मिला दूसरा बड़ा तोहफा
भोजपुर जिले में लगे लॉकडाउन से जहां लोगों को भारी क्षति के साथ काफी निराशा हुई है। वहीं इसी बीच भोजपुर वासियों को दो बड़ी सौगात भी मिली है। इस वर्ष सबसे पहले मेडिकल कॉलेज बनने के लिए सरकार के द्वारा 500 करोड़ रुपए का बजट पास हुआ है। दूसरा तोहफा कृषि के क्षेत्र में एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में मिलने जा रहा है। इस माह या अगले माह कृषि विभाग के द्वारा प्रस्ताव कैबिनेट को भेज दिया जाएगा। स्थानीय विधायक के मंत्री होने का जिले वासियों को बड़ा लाभ मिलने जा रहा है। मंत्री एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज आरा में बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज खुलने से बदल जाएगी भोजपुर के लोगों की आर्थिक स्थिति
भोजपुर जिले समेत पटना और दक्षिण बिहार के कई जिलों के लोगों का मुख्य पर पेसा कृषि से जुड़ा हुआ है। यहां की 75% से ज्यादा आबादी कृषि का कार्य करती है। एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज खुलने से यहां के 75% की आबादी को इसका लाभ मिलेगा। नए नए रोजगार के अवसर खुलेंगे। जिस कारण लोगों की तेजी से आर्थिक स्थिति भी बदलेगी। वही यंत्रों की कम लागत से ही ज्यादा उपज होने लगेगी।

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