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देहरादून से पहुंची टीम:गंगा किनारे की जमीन का सर्वे करने पहुंची केंद्रीय टीम

आरा3 दिन पहले
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  • भोजपुर और छपरा जिले की हजारों एकड़ जमीन का 1908 के बाद नहीं हुआ है

गंगा नदी के किनारे सारण और भोजपुर जिले की हजारों एकड़ में फैली अनसर्वे वाली जमीन का सर्वे करने के लिए देहरादून से केंद्रीय टीम गुरुवार को आरा पहुंची है। मझौआ हवाई अड्डे पर निदेशक के नेतृत्व में उत्तरी टीम शुक्रवार से भोजपुर जिले और सारण जिले की अनसर्वे समेत अन्य जमीन का पता लगाने के लिए सर्वे शुरू करेगी। यह सर्वे नेशनल हाइड्रोलॉजी प्रोजेक्ट एवं मिशन क्लीन गंगा प्रोजेक्ट के अंतर्गत शुरू की जा रही है।

सर्वे करने वाली कंपनी एमएस जिओकनो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एमएस हिमालयन हेली सर्विस प्राइवेट लिमिटेड है। एरियल सर्वे का कार्य 1 मई तक किया जाएगा। मालूम हो लंबे समय से भोजपुर और सारण जिले के किसानों के द्वारा हजारों एकड़ में फैले अनसर्वे जमीन का पता लगाने की मांग सरकार से की जा रही थी। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार के द्वारा अनसर्वे वाली जमीन का सर्वे करने के लिए इस टीम को भेजा गया है। टीम भोजपुर और छपरा जिले में लगभग एक माह तक रुक कर एरियल सर्वे करेगी। सर्वे करने के बाद इसकी पूरी रिपोर्ट केंद्र और राज्य सरकार को सौंपेगी।

इसी के आधार पर भविष्य में जमीन का पता लगाने के साथ सीमांकन किया जा सकता है। एरियल सर्वे करने के लिए हेलीकॉप्टर उतारने और उसमें इंधन देने के साथ उसके सुरक्षा के लिए भोजपुर डीएम से आदेश लिया गया है। डीएम ने हेलीकॉप्टर के लैंडिंग, टेकऑफ, रिफिलिंग और रात्रि में पार्किंग समेत अन्य सुविधाएं देने की जिम्मेवारी आरा सदर एसडीओ और भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को दी थी।

भोजपुर और सारण जिले की 50,000 एकड़ से ज्यादा जमीन है नहीं हो पाया है सर्वे
गंगा के किनारे भोजपुर और सारण जिले की 50,000 एकड़ से ज्यादा की जमीन अनसर्वे है। इसमें भोजपुर जिले की लगभग 20,000 और सारण जिले की लगभग 30,000 एकड़ से ज्यादा की जमीन शामिल है। इन जमीनों में ज्यादातर गंगा में विलीन हो चुकी है। बड़हरा प्रखंड क्षेत्र के बड़हरा, बबुरा, एकौना, केशोपुर, सेमरिया-पड़रिया और नथमलपुर समेत कई पंचायतों की हजारों एकड़ जमीन अनसर्वे है।

इन जमीनों का सर्वे हो जाने के बाद जमीनों का उपयोग करने के लिए यदि सरकार कोई योजना बनाती है, तो उसका सीधा लाभ स्थानीय किसानों को मिलेगा। इससे किसानों की बदतर हो चुकी माली हालत भी सुधारने में मदद मिलेगी। वही हर साल जमीनों पर कब्जा को लेकर गरजने वाली बंदूकें भी शांत हो जाएंगी। अन सर्वे वाली जमीनों का सर्वे होने की सूचना से भोजपुर और सारण जिले के लोगों में खुशी है।

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