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मची अफरातफरी:गांगी नदी में शौच करने गया उजियार टोला निवासी छोटू प्रसाद की डूबने से मौत

आरा18 दिन पहले
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शोकाकुल परिजन। - Dainik Bhaskar
शोकाकुल परिजन।
  • सदर अस्पताल में हंगामे की वजह से दो घंटे तक बाधित रही इमरजेंसी सेवा
  • डाॅक्टर ने पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा, वह लगा हिलने-डोलने, मचा हंगामा

टाउन थाना क्षेत्र में सोमवार को गांगी नदी में शौच करने गया उजियार टोला निवासी छोटू प्रसाद डूब गया। जिससे उसकी मौत हो गई। जैसे ही सूचना लोगों को मिली तो गांगी नदी के तरफ दौड़ पड़े। किसी तरह लोगों ने शव को नदी से बाहर निकाला। इसके बाद शव को लेकर शीघ्रता से सदर अस्पताल पहुंचे। सदर अस्पताल में ऑन ड्यूटी डॉक्टर ने आरएन यादव ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक छोटू प्रसाद उजियार टोला निवासी महंगू प्रसाद का पुत्र था। सदर अस्पताल में मुन्ना की मौत की पुष्टि होने के बाद उसके परिजन इमरजेंसी वार्ड के सामने बैठ कर रोने लगे। डॉक्टर ने शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए पोस्टमार्टम रूम में भेज दिया। इस बीच जैसे ही शव को पोस्टमार्टम रूम के लिए ले जाया जा रहा था।

अचानक छोटू प्रसाद के शरीर में हरकत हुई; इससे वहां मौजूद लोगों में उसके जिंदा होने की आस जग गयी। शरीर में हरकत होने से कहने लगे छोटना का शरीर हिलता… ई अभी जिंदा बाड़न। इसके बाद कानों-कान बता फैल गयी। छोटू के परिजन समेत अन्य लोग इसे अचरज जानककर पोस्टमार्टम रूम की तरफ दौड़ पड़े।

परिजन बोलने लगे कि छोटना ज़िंदा बा रे...डॉक्टर गलती बता देलस... इसके बाद परिजन शव को लेकर इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे और डॉक्टरों से नोकझोंक करने लगे। परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड में ही हंगामा करना शुरू कर दिया। कुर्सी- टेबल फेकना शुरू कर दिया। मामले को बिगड़ते ड्यूटी पर तैनात गार्ड शांत कराने की काफी कोशिश की। लेकिन परिजन नहीं माने, डॉक्टर को दोबारा चेकअप करने की आग्रह करने लगे। इस दौरान डॉक्टर बोले कि आपका परिजन की मृत्यु हो चुकी है। लेकिन परिजनों को डॉक्टर की बातों पर भरोसा नहीं हो रहा था।

अफवाह पर परिजनों ने किया हंगामा पुलिस ने शांत कराया मामला
परिजन गुस्से में कुछ देर पहले छोटू के शरीर में हरकत होने और जिंदा होने की बात कहते हुए बार-बार चेकअप करने की बात कहने लगे। मामला बिगड़ने पर डॉ आरएन यादव डर से चेंबर छोड़कर भाग निकले। इसके बाद परिजनों ने हंगामा व तोड़फोड़ शुरू कर दिया। अस्पताल प्रबंधक ने टाउन थाना को घटना की सूचना दिया, पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले को शांत कराया।

इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया गया। इससे पूरे दिन शहर में अफवाह उड़ती रही कि सदर अस्पताल में एक जीवित व्यक्ति को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर पोस्टमाॅर्टम करने के लिए भेज दिया है। जैसे-जैसे आरा शहर में लोगों को मृत व्यक्ति के जिंदा होने व उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात पता चलती, इस घटना को देखने के लिए सदर अस्पताल में पहुंचने लगे थे।

मृतक के परिजनों ने बताया कि छोटन के शव को पोस्टमार्टम रूम में ले जाया जा रहा था। तभी शरीर में हरकत हुआ और नाक और मुंह से खून निकलने लगा। हमलोग को लगा कि छोटन अभी जिंदा है। उसे इलाज के लिए दोबारा इमरजेंसी वार्ड में ले गए।

लोग बोले- नदी में पैर फिसला और छोटू बहने लगा
लोगों ने बताया कि सोमवार की सुबह छोटन प्रसाद शौच करने के लिए गांगी नदी किनारे गया था। शौच के दौरान छोटन का पैर फिसल गया और वह नदी में चला गया। नदी में पानी का काफी तेज बहाव होने के कारण वह डूबने लगा। लोगों ने देखा तो उसे बचाने की काफी कोशिश की, पर नहीं बच सकी।

मृतक छोटू प्रसाद उजियार टोला निवासी महंगू प्रसाद का पुत्र था। जैसे ही परिजनों को छोटन की मौत की सूचना मिली, घर में हाहाकार मच गया। परिजन रोने लगे। छोटन प्रसाद पेशे से मजदूरी करता था। उसी से परिवार का भरण पोषण होता था।

हो सकता है कि छोटू का शरीर दबने से गैस निकली हो
ड्यूटी पर तैनात डॉ आरएन यादव ने बताया कि जब शरीर से प्राण निकलता है, तब भी अंदर का कोशिकाएं काम करती रहती है। कई बार पेट में गैस बन जाता है और मौत बाद भी बाहर निकलने का प्रयास करते रहता है। गैस कभी-कभी 5 मिनट में भी बाहर निकल जाता है और कभी दो-तीन घंटे तक लग जाता है। इसी में शरीर में हरकत होने से लोगों को लगता है कि आदमी जिंदा है।

  • किसी ने मरे हुए आदमी को जिंदा बता कर अफवाह उड़ा दिया। जिसके कारण अस्पताल में परेशानी हुई। पुलिस के आने पर माहौल शांत हुआ। - कौशल कुमार दूबे, प्रबंधक, सदर अस्पताल, आरा।
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