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सीएस बोल:आएं विश्व मास्क सप्ताह मनाएं, मास्क से कोरोना को बाहर का रास्ता दिखाएं

आरा14 दिन पहले
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कोविड से बचाव में मास्क को सबसे सुरक्षित और कारगर उपाय के तौर पर देखा गया है। वहीं इसने कोविड की प्रत्येक लहर में इसने अपनी उपयोगिता भी सिद्ध की है। तभी तो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) और अन्य सरकारों ने भी इसे लोगों के लिए अनिवार्य कर दिया है। डब्लूएचओ के अनुसार इस सप्ताह हम विश्व मास्क सप्ताह मना रहे हैं। जिसको लेकर डब्लूएचओ ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर भी जारी किया है। इसमें वह मास्क की उपयोगिता, प्रकार व रख रखाव पर विस्तार से चर्चा कर रहा है। जिसमें वह बच्चों के मास्क संबंधी बातों को बता रहा है, जिसे बच्चे अमल में लाकर कोविड जैसी गंभीर संक्रमण से बच सकते हैं।

उक्त जानकारी सीएस डाॅ. ललितेश्वर प्रसाद झा ने दी। बच्चे किस तरह पहनें फेब्रिक मास्क : डब्लूएचओ पोस्टर में कहता है कि बच्चों में भी मास्क पहनने के लिए नियम बड़ों जैसा ही है, पर उनमें कुछ विशेष सतर्कता की जरूरत होती है। मास्क को पहनने के लिए सबसे पहले तीन लेयर वाले मास्क का प्रयोग करना है। मास्क को पहनने से पहले हाथ को अच्छे से धोएं।

मास्क के आंतरिक भाग को पहचान उससे नाक और ठुड्डी अच्छी तरह ढकें । बच्चे मास्क के आगे के भाग को न छूएं। वहीं मास्क उतारने से पहले ब बाद में हाथ को अच्छी तरह धो लें। मास्क को उतारने के बाद अच्छी तरह धो लें। सिविल सर्जन डाॅ. ललितेश्वर प्रसाद झा ने बताया कि जो लोग गले में मास्क लटकाकर टहल रहे हैं वे बीमारी को दावत दे रहे हैं।

यही हाल रहा तो ऐसे लोग संक्रमण की चपेट में आएंगे। इसलिए जब भी बाहर निकलें मास्क को सही तरीके से लगा लें, ताकि नाक और मुंह पूरी तरह से ढके हों। कोरोना वायरस हवा में है, यह डब्लूएचओ के शोध में आ भी चुका है। उसमें सावधानी बेहद जरूरी है। भीड़ वाली जगह में जाना मजबूरी हो तो मास्क को अच्छी तरह से मुंह पर लगा लें।

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