महाराजा लॉ कॉलेज खोलने के आसार:कोर्ट ने बार काउंसिल को निरीक्षण करने को कहा

आरा2 महीने पहले
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जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। लंबे समय के बाद महाराजा लॉ कॉलेज खोलने के आसार अब शुरू हो गए हैं। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सूबे के 27 लॉ कॉलेजों को खोलने के लिए कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को स्थल निरीक्षण करने का आदेश दिया है ताकि बार काउंसिल इस बात को प्रमाणित कर सके कि कॉलेज मानकों के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं। उन 27 कॉलेजों के स्थल निरीक्षण में महाराजा लॉ कॉलेज का नाम भी शामिल है। हालांकि महाविद्यालय में अभी नामांकन अथवा पठन-पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं किया जाएगा।

महाराजा लॉ कॉलेज खोलने के बाद ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया को स्थल का निरीक्षण एवं कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर से अवगत कराया जा सकता है। कॉलेजों से संबंधित कई अभिलेख महाविद्यालय के कार्यालय में बंद है। कॉलेज खोलने के बाद ही सारे दस्तावेजों को एकत्रित किया जाएगा ताकि जांच करने आई टीम को कागजातों से रूबरू कराया जा सके।

गौरतलब हो कि महाराजा लॉ कॉलेज बंद होने पर छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में काफी हंगामा मचाया था। सीनेट की बैठक में कई सदस्यों ने विश्वविद्यालय के इस निर्णय का विरोध भी किया था। महाराजा लॉ कॉलेज बंद किए जाने का मुद्दा विधानसभा से लेकर विधान परिषद तक उठा था। महाराजा लॉ कॉलेज के अस्तित्व को समाप्त करते हुए महाविद्यालय में नामांकित छात्र छात्राओं को रोहतास विधि महाविद्यालय से टैग कर दिया गया था।

निवर्तमान कुलपति प्रोफेसर देवी प्रसाद तिवारी ने विधि महाविद्यालय के पार्ट टाइम टीचर विनोद सिंह एवं कर्मचारी नरेंद्र कुमार, संजय कुमार सिंह, समाहुत कुमार सिंह, अजित कुमार एवं राजीव रंजन सिंह को टर्मिनेट करने के लिए अधिसूचना भी जारी किया था।

इसके साथ ही फुल टाइम टीचर क्लामुद्दीन खान, पार्ट टाइम टीचर बीपीन बिहारी मिश्रा, कुमारी ज्योति, रमेश कुमार सिंह एवं राम प्रसाद राम को शोकॉज का लेटर थमा दिया था। नए सत्र में नहीं हुआ नामांकन

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय ने महाराजा लॉ कॉलेज में नए सत्र 2019-21 से नामांकन नहीं लेनेे का फरमान जारी किया था। निवर्तमान कुलसचिव श्यामानंद झा के नाम से पत्र जारी करते हुए उपरोक्त सत्र के नामांकन रोक लगा दी गई थी।

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