राजनीति:समाज को बांटने के लिए जातीय गणना की मांग कर रहे : जनसंघ

आरा2 महीने पहले
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  • खिल भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतभूषण पाण्डेय ने निंदा की

जातीय जनगणना की मांग को लेकर कुछ दलों द्वारा चलाए जा रहे अभियान पर जनसंघ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अखिल भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य भारतभूषण पाण्डेय ने बयान में कहा कि जिन लोगों ने क्रांति मैदान में जनेऊ जलाया था। जाति तोड़ो-समाज जोड़ो का नारा दिया था।

सम्पूर्ण क्रांति तथा समाजवाद जिनकी सत्ता और शक्ति के मूल आधार रहे हैं, उनका जाति आधारित जनगणना के लिए आन्दोलन करना हास्यास्पद है। संपूर्ण समाज को विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहिए। सरकार के पास पैन, आधार और बैंक खातों की पूरी जानकारी है, जिससे वंचित वर्ग के उत्थान के लिए नई और प्रभावी योजनाएं बनायी जा सकती हैं।

विपक्ष समेत सभी राजनीतिक दलों को समाज को विभिन्न वर्गों में बांटने का आन्दोलन नहीं करना चाहिए। जनसंघ अध्यक्ष ने कहा कि जिन राजनीतिक दलों में पिता-पुत्र-परिजन ही नेता हो सकते हैं, उनके द्वारा लोकतंत्र और पिछड़ों की वकालत घोर आश्चर्य पैदा करनेवाली वोट की खेती है। डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने भी जाति आधारित जनगणना के लिए मना कर दिया था। तब अवश्य ही यह औचित्यहीन है।

पाकिस्तान के रहीमयारखान जिले के भोंग नामक स्थान में विख्यात गणेश मंदिर के भग्न करने, मूर्तियों को जलाने तथा मंदिर में आग लगाने की घटना की कठोरतम शब्दों में भर्त्सना करते हुए आचार्य भारतभूषण ने पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों की नारकीय और अमानवीय स्थिति पर अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन तथा विश्व समुदाय से संज्ञान लेने व पहल करने की अपील की।

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