गीता जयंती पर हुई गीता श्लोक पाठ प्रतियोगिता:गीता-श्लोक प्रतियोगिता में बनाया देवी-देवताओं का रूप

आराएक महीने पहले
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नगर पंचायत, बिहिया के सरस्वती शिशु मंदिर में मंगलवार को गीता जयंती पर गीता-श्लोक पाठ प्रतियोगिता हुई। उद्घाटन विद्या लक्ष्मी शर्मा ने की। छात्र-छात्राओं ने श्रीकृष्ण, अर्जुन, देवी दुर्गा, देवी लक्ष्मी, देवी सरस्वती व देवी काली का रूप धारण कर गीता पाठ किये। पाठ के माध्यम से लोगों को गीता के महत्व के बारे में बताया। कहा कि सब कुछ करने वाले ईश्वर है। प्राणी केवल निमित्त मात्र है।

व्यक्ति को केवल कर्म करने का अधिकार है। फल कर्म के आधार पर ही मिलता है। कार्यक्रम में परिचय का कार्य सुरेंद्र प्रसाद व प्रस्तावना संतोष कुमार ने किया। अखिलेश्वर प्रसाद ओझा ने गीता की उपादेयता पर प्रकाश डाला। माधुरी पाठक ने नारी आधारित गीत का प्रस्तुतीकरण किया। मंच संचालन शिक्षक अखिलेश्वर दूबे ने की।

अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्रधानाचार्य सुजीत कुमार सिन्हा ने इस विशेष दिन की उपादेयता का बयां किया। कहा कि आज ही के दिन भगवान कृष्ण ने अर्जुन को युद्ध के मैदान में गीता का उपदेश सुनाया था। जिसे सुनकर अर्जुन का मोहभंग हुआ था। वह युद्ध के लिए तैयार हुए थे। भगवान इसी दिन गीता का उपदेश अर्जुन को दिए। इसलिए आज के दिन को मोक्षदा एकादशी कहा गया है।

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