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परेशानी:वीकेएसयू के अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को 9 माह से नहीं मिला है वेतन

आरा25 दिन पहले
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  • विभिन्न जिले और दूसरे प्रदेशों से आए हुए शिक्षकों को घर से पैसा मंगवाकर देना पड़ रहा है घर का किराया

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों का 9 माह से वेतन नहीं मिल रहा है। विभिन्न जिले एवं प्रदेशों से आए हुए अतिथि शिक्षकों के सामने अपनी जीविकोपार्जन की समस्या उत्पन्न हो गई है। शिक्षकों को समझ में नहीं आ रहा है कि वह अपना रूम रेंट भी कहां से दे। दैनिक भास्कर के साथ अतिथि शिक्षकों ने अपनी समस्या को बयां करते हुए बताया कि वेतन भुगतान के लिए वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलसचिव से हमलोग 15 दफा मिलकर अपनी समस्याओं को रख चुके हैं। 6 बार कुलसचिव को वेतन भुगतान के लिए लिखित आवेदन भी दिया जा चुका है।

कुलपति एवं वित्त पदाधिकारी से भी वेतन भुगतान को लेकर हम लोगों ने कई बार गुहार लगाया परंतु विश्वविद्यालय द्वारा भुगतान को लेकर सिर्फ आश्वासन दिया गया। वेतन भुगतान के लिए समय-समय पर विश्वविद्यालय द्वारा अलग-अलग दलील दी जाती रही है। समस्तीपुर की रहने वाली शिक्षक मोना कुमारी ने बताया कि पहले वेतन भुगतान किए जाने की बात कहे जाने पर कहा जाता था कि अतिथि शिक्षकों का वेतन बजट में शामिल नहीं किया गया है जिसकी वजह से आप लोगो का भुगतान विश्वविद्यालय द्वारा अभी संभव नहीं है।

अतिथि शिक्षक का वेतन बजट में शामिल होने के बाद अब विश्वविद्यालय द्वारा कहा जा रहा है कि शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों का विवरण मांगा है। विश्वविद्यालय द्वारा सभी शिक्षकों का विवरण उपलब्ध करा दिया गया है शिक्षा विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद अतिथि शिक्षकों का भुगतान कर दिया जाएगा। इधर अन्य शिक्षकों ने बताया कि जब शिक्षा विभाग से इसके बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि विश्वविद्यालय द्वारा अतिथि

शिक्षकों का कोई विवरण नहीं भेजा गया है। वेतन भुगतान के नाम पर अतिथि शिक्षकों को विश्वविद्यालय के गलियारों में 9 महीने से दौड़ाया जा रहा है। अतिथि शिक्षक विश्वविद्यालय के अधिकांश अधिकारियों के पास वेतन भुगतान के लिए अपनी गुहार लगा चुके हैं परंतु हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं अतिथि शिक्षक
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में लगभग 90 लोग अतिथि शिक्षक के रूप में अभी योगदान दे रहे हैं। भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर जिले के विभिन्न कॉलेजों में कोई शिक्षक बेगूसराय, सिवान, गोपालगंज, बनारस, भागलपुर, अररिया, लखीसराय, दरंभगा, मुजफ्फपुर, पटना और पूर्णिया सहित अन्य जगहों से आकर विगत 9 माह से अपनी सेवा दे रहे हैं।

वेतन नहीं मिलने से इनके सामने आर्थिक समस्या आ चुकी है। इनको समझ में नहीं आ रहा है कि यह विश्वविद्यालय के किस अधिकारी के पास जाकर अपनी गुहार लगाए की उनका वेतन भुगतान हो जाए। शिक्षकों ने बताया कि स्थिति यह है कि रूम रेंट देने के लिए भी घर से पैसा मांगना पड़ रहा है। गौरतलब हो कि विश्वविद्यालय ने विज्ञापन निकालकर विभिन्न विषयों में रिक्त पड़े सीटों पर अतिथि शिक्षकों को बहाल कराया था। प्रति वर्ग

शिक्षकों को ₹1000 भुगतान करना था। 13 अप्रैल 2021 के बाद से प्रति वर्ग शिक्षकों को 1500 रुपया भुगतान करने का गाइडलाइन सरकार ने जारी किया है। परंतु दुर्भाग्य की बात है कि जब से यह शिक्षक वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में योगदान किए हैं तब से लेकर आज तक इनको प्रति वर्ग के तौर पर कोई भुगतान नहीं किया गया है। वेतन भुगतान के लिए शिक्षक टकटकी लगाए हुए हैं।

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