दिसंबर तक 46% मजदूरों को काम, सात को शो-कॉज:बिहिया में सबसे कम 23% ही मजदूरों को दिया गया मानव दिवस, 3677936 में से अब तक 1981347 मानव-दिवस सृजन

आरा16 दिन पहले
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भोजपुर जिले में मनरेगा के तहत मजदूरों को कार्य देने में बड़े स्तर पर लापरवाही की जा रही है। इसका खुलासा दिसंबर तक कार्यों की समीक्षा किए जाने के बाद हुआ है। वर्ष के अंत तक महज 54% लोगों को ही मानव दिवस उपलब्ध कराया गया है। इस प्रकार अब तक लगभग 46% रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। इसकी रिपोर्ट मनरेगा के डीपीओ प्रवीण कुमार ने डीडीसी को दी थी। इसके बाद लापरवाह प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों से डीडीसी ने स्पष्टीकरण की मांग की है। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को चेतावनी दी है, कि हर हाल में मार्च तक तय लक्ष्य को पूरा किया जाए।

ऐसा नहीं करने वाले कार्यक्रम पदाधिकारी का वेतन बंद करने के साथ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो भोजपुर जिले में माह दिसंबर तक 36,77,936 लोगों को मानव दिवस सृजन करना था। इसके अनुपात में महज 1981345 मानव दिवस का ही सृजन हो पाया है। इस तरह से 1696589 मानव दिवस अभी भी सृजन करवाने बाकी रह गए हैं। कोरोना काल में मजदूरों को रोजगार नहीं मिलने से उनकी स्थिति बदतर हो गई है। डीडीसी के इस चेतावनी के बाद कार्य उपलब्ध करवाने में तेजी आने की संभावना है।

सहार में सबसे आगे और बिहिया रहा फिसड्डी
मनरेगा के द्वारा सबसे ज्यादा कार्य सहार प्रखंड में लगभग 89% हुआ है। बड़हरा में 67%, जगदीशपुर में 77%, अगिआंव में 66%, तरारी में 64%, पीरो में 56% और आरा में लक्ष्य का 55% कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले प्रखंडों में सबसे दयनीय स्थिति बिहिया प्रखंड की है। यहां महज लक्ष्य का 24% ही मानव दिवस उपलब्ध कराया गया है। शाहपुर में 31%, गड़हनी में 32%, चरपोखरी में 40%, उदवंतनगर में 44%, कोईलवर और संदेश में 46-46% लोगों को मानव दिवस उपलब्ध कराया गया है।

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