स्वास्थ्य विभाग का अजीब मामला:कोईलवर के जिस अस्पताल में पहले रहते थे गदहे अब वहां मरीजों का शुरू कर दिया गया है इलाज

आराएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

जिस अस्पताल में पहले गदहे रहा करते थे, वहां अब मरीजों का इलाज होने लगा है। यह मामला कोईलवर प्रखण्ड में बिंदगावां अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की है। अब यहां मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने लगी है। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी भी शुरू है। जिससे स्थानीय मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे है। जिन्हें पहले कोईलवर, बबुरा और आरा का रुख करना पड़ता था। ओपीडी में इलाज कराने आये सुरसतो देवी, निगम कुमारी, विभा देवी, रिंकी, दशरथ प्रसाद, भरत प्रसाद, रामावतार प्रसाद ने बताया कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिंदगावां में अब नियमित डॉक्टर, समेत स्वास्थ्य कर्मी पहुंच रहे हैं।

ओपीडी में दवाईयां भी मिल रही है। प्राथमिक उपचार की सुविधा भी लोगों को मिल रही है। अस्पताल खुल जाने से काफी खुशी है। दूसरी ओर, महिलाओं के लिए प्रसूति केंद्र की सुविधा नही होने से अभी भी क्षेत्र के प्रसूति महिलाओं को पीएचसी कोईलवर का रुख करना पड़ता है। पीएचसी कोईलवर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियो की स्थायी नियुक्ति के बाद धीरे- धीरे सभी सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। पिछले महीने निरीक्षण में सिविल सर्जन भी मुआयना करने पहुंचे थे।

मालूम हो कि डेढ़ करोड़ रुपए से बने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बिंदगावा में छह कमरे ऊपर व छह कमरे नीचे है। जिसमें मरीजों को भर्ती करने का कक्ष, ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, प्रसूति कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, डॉक्टर के रेस्ट रूम, अटेंडेंट रूम, किचेन की भी व्यवस्था है। जिसके पूर्ण रूप से शुरू होते ही क्षेत्र के लोगो को इसका लाभ मिलेगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोईलवर से अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र बिंदगांवा में एक डॉक्टर, एक सीएचओ, एएनएम व चतुर्थ कर्मी की प्रतिनियुक्ति की गई है। मंगलवार को अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर जियायुल हक, सीएचओ प्रियंका कुमारी मरीज देख रहे थे।

इस्तीफा व छुट्‌टी के कारण हुई देर
दैनिक भास्कर ने डेढ़ करोड़ रुपये के अस्पताल में डॉक्टर और कर्मी नहीं करते ड्यूटी, बंधे है गदहे शीर्षक नाम से खबर प्रकाशित किया था। जिसके बाद पीएचसी कोईलवर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अंजू सिन्हा ने दो दिनों में अस्पताल शुरू करवाने की बात कही थी। जिसके बाद लगभग एक महीनों की छुट्टी में चली गयी। जिसके बाद कुछ कारणों से प्रभारी पद से इस्तीफा देकर छुट्टी पर चली गई। उसके बाद पीएचसी के वरीय डॉक्टर उमेश कुमार सिंह को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बनाया गया। डॉ उमेश कुमार सिंह के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बनाये जाने के बाद अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिंदगावा में स्वास्थ्य सेवा को शुरू करने को लेकर डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों को कोईलवर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर से प्रतिनियुक्ति की गई।

जल्द ही सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कोईलवर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ उमेश कुमार सिंह ने बताया कि विभाग से अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिंदगावा में स्वास्थ्य कर्मियों की स्थायी नियुक्ति होते ही क्षेत्र के लोगो को सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी। अभी प्रतिदिन ओपीडी चल रहा है। मरीजों को दवाईयां भी दी जा रही है।

खबरें और भी हैं...