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हिंदी दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन:महात्मा गांधी ने भारत की राजभाषा के लिए हिंदी का ही चयन किया था : डॉ. महेश सिंह

आरा5 दिन पहले
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  • वीरकुंवर सिंह विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में हिंदी दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों में हिन्दी दिवस पर संगोष्ठी हुई। जगजीवन कॉलेज में हिन्दी दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ राधामोहन सिंह ने किया। हिन्दी के विकास के लिए डॉ कुमार कौशलेंद्र, डॉ गुलाब फलाहारी, डॉ अजय कुमार, अमृत जसवाल, डॉ राजीव नयन, डॉ सत्येंद्र पांडेय, डॉ शहजाद अख्तर अंसारी एवं डॉ दिनेश कुमार ने अपनी बातों को रखा।

इधर, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के भोजपुरी विभाग के सभागार में भी भारत विकास परिषद् आरण्य शाखा द्वारा हिंदी दिवस मनाया गया। अध्यक्षता डॉ किरण कुमारी ने किया। डॉ महेश सिंह ने विषय प्रवेश करते हुए बताया कि महात्मा गांधी ने भारत की राजभाषा के लिए हिंदी को ही चुना था। डॉ पारस नाथ सिंह ने बताया कि हिंदी जनमानस की भाषा है। इसे समृद्ध करने के लिए हर घर में बच्चों के साथ हिंदी में ही बात करनी चाहिए। डॉ राम तवक्या सिंह ने स्वरचित गीत के माध्यम से समाज मे हो रहे बदलाव व हिंदी के विशेषताओं के बारे में बताया। डॉ बलिराज ठाकुर ने हिंदी को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी भाषा बताया। पं० मधेश्वर पाण्डेय ने अपनी कविता के माध्यम से हिंदी दिवस पर अपनी बात रखी।

डॉ संजय कुमार चौबे ने संस्कृत एवं हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। रवि प्रकाश सूरज ने वर्तमान में गुरु शिष्य परंपरा में हो रहे बदलाव को गंभीरता से रखा। डॉ कुमार शीलभद्र ने हिंदी एवं अन्य लोक भाषाओं में हो रहे बदलाव के बारे में बताया। मंच संचालन करते हुए डॉ दिवाकर पाण्डेय ने हिंदी दिवस की उत्पत्ति एवं इसके इतिहास को बताया। कहा कि 14 सितंबर 1949 से को राजभाषा का दर्जा मिला। धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनील कुमार पाण्डेय ने किया। अन्य कविताओं में भारत विकास परिषद के संरक्षक सदानंद मिश्र, डॉ रेणु मिश्रा, डॉ पूनम शुक्ला एवं पंकज मिश्रा सहित अन्य शामिल थे।

इधर, एस बी कॉलेज के हिन्दी विभाग में हिन्दी दिवस पर संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ कनक लता, हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ साधना रावत, पूर्व विभागाध्यक्ष पूनम कुमारी सहित अन्य कार्यक्रम में उपस्थित थे। पूनम कुमारी ने कहा की हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। धन्यवाद ज्ञापन डॉ साधना रावत ने किया। प्रो कनक लता ने हिन्दी को संस्कृत की बहन बतायी। दिव्यांशु मिश्रा ने कहा की हिन्दी की दुर्दशा पर खेद प्रकट किया।

इधर, जनहित साहित्य मंडल आरा के तत्वाधान में रेणुकूट कतीरा आरा में हिंदी दिवस पर हिंदी साहित्य सम्मेलन हुआ। अध्यक्षता महिला कॉलेज की व्याख्याता डॉ० रेणु मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने आम बोलचाल में अंग्रेजी के शब्दों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता प्रकट किया गया।

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