शुभारंभ / अभी करना होगा और इंतजार, बरसात के बाद ही सिक्सलेन पुल का होगा शुभारंभ

Now have to wait and wait, the six-lane bridge will be launched only after the rain
X
Now have to wait and wait, the six-lane bridge will be launched only after the rain

  • बारिश के कारण पुल के एप्रोच रोड के निर्माण का कार्य रोका गया

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

कोईलवर. अब बरसात के मौसम के बाद ही कोईलवर में सोन नदी पर बन रहा नया सिक्सलेन पुल आवागमन के लिए चालू हो सकेगा। वजह यह कि निर्माणाधीन पुल निर्माणाधीन पटना- कोईलवर- बक्सर फोरलेन रोड से जुड़ा है और बरसात के कारण नए पुल से जुड़ने वाला एप्रोच रोड का काम प्रभावित हो गया है। वैसे भोजपुर जिले में फोरलेन का काम अधूरा और वर्षा के कारण बंद है। इसके बावजूद माना जा रहा था कि कम से कम कोईलवर में पुरानी रोड से नये पुल तक का हिस्सा जून के अंत तक बन जाएगा। इससे नए पुल पर गाड़ियों का आवागमन चालू हो जाएगा।

इसके लिए निर्माण एजेंसी अनौपचारिक तौर पर 30 जून की तिथि मानकर चल रही थी। हालांकि, यह घोषणा आधिकारिक या एनएचएआई द्वारा नहीं की गयी थी। जबकि, सिक्सलेन पुल के एक लेन (दक्षिणी मार्ग) का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। पुल के ऊपर सड़क मार्ग पर कालीकरण का कुछ कार्य रह गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कालीकरण कार्य पर असर पड़ा है।  पुल एक लेन का 37 स्पैन का कार्य पूरा हो गया है।

22 जुलाई 2017 को सोन नद पर नये पुल की नींव डाली गई थी। जिसकी लम्बाई 1.526 किलोमीटर है। जिस पर 74 स्पैन हैं। दूसरे लेन पर 11 स्पैन का कार्य हो गया है। यह 194 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। हालांकि, यह लागत फोरलेन पुल का था। लेकिन बाद में इसका डिजाइन में बदलाव किया गया। जिससे लागत भी बढ़ेगा। 
आधुनिक तकनीक से बन रहा सिक्सलेन पुल
एसपी सिंघला के मैनेजर प्लानिंग एसके राजू ने बताया कि सिक्सलेन पुल का डिजाइन में आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है। यह पुल प्रिस्टेस सिंगमेंटल मेजर के आधुनिक तकनीक पर बन रहा है। जो केबुल के गुच्छे से बंधा रहेगा, जिसमें लचीलापन होगा। जिससे पुल को मजबूती मिलेगी। एसपी सिंघला चार साल तक पुल का मेंटेनेंस करेगी। पुल को तैयार करने में एसपी सिंघला के 30 अभियंता व तीन सौ मजदूर कार्य मे जुटे हैं। हालांकि सिक्सलेन पुल को कब आमलोगों के लिए खोला जायेगा। इसकी जानकारी एनएचएआई द्वारा देने की बात कही। पुल के अप्रोच रोड तैयार नहीं होने की बात कही गयी है।
सिक्सलेन पुल के पास बालू उत्खनन से खतरा
निर्माण कम्पनी के अधिकारियों ने बताया कि सोन नद में सिक्सलेन पुल के खम्भे के समीप नावों द्वारा बालू का अवैध उत्खनन से पुल के नींव को खतरा पहुँच सकता है। बालू को अंधाधुंध उत्खनन को रोकने के लिए एनएचएआई को कई बार लिखित सूचना दी गयी है। लेकिन कोई ठोस कारवाई नहीं हो रही है। अब सिक्सलेन पुल के दक्षिण व उत्तर साइड में नावों से बालू का उत्खनन जारी है।

पुराने पुल के समानांतर पांच सौ मीटर उत्तर दिशा में सिक्सलेन पुल के दक्षिणी मार्ग पर आवागमन जुलाई महीने में पूरी होने की संभावना है। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लगभग तीन साल से महाजाम से परेशान भोजपुर, पटना व सारण जिले की आबादी को जुलाई महीने में जाम की समस्या से निजात मिल सकता है। सोन नद पर बन रहे सिक्सलेन पुल का दक्षिणी लेन का काम 30 जून तक खत्म कर देने का डेडलाइन तय था।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना