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निरीक्षण:माप से ज्यादा बालू खनन नहीं हो इसके लिए लगेंगे पिलर

आरा16 दिन पहले
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  • एनजीटी ने बालू के अवैध खनन और इससे पर्यावरण पर पड़े कुप्रभाव का जांच कर दिए निर्देश

भोजपुर जिले के विभिन्न बालू घाटों का एनजीटी की विशेष टीम ने जांच की। इस दौरान जिले में चल रहे सभी 6 बालू चेक पोस्ट का भी निरीक्षण किया गया। मालूम हो भोजपुर जिले में बालू के अवैध खनन एवं उससे पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की जांच के लिए चार अफसरों की विशेष टीम बनी थी। इसमें पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के अपर निदेशक, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के वरिष्ठ

अधिकारी, खान एवं भूतत्व विभाग के निदेशक गोपाल मीणा और डीएम रोशन कुशवाहा शामिल थे। इन लोगों के द्वारा अंधारी, फतेहपुर, बड़की खड़ांव, धौरी, पेऊर, बरूही, संदेश एवं नानसागर बालू घाट की जांच की गई। नदी के अंदर से लेकर बाहर तक का सूक्ष्म निरीक्षण गहराई से किया गया। सदस्यों ने देखा कि किस तरह से बालू का अवैध खनन कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया है।

इस दौरान उन्होंने स्टॉक किए गए बालू, घाट संचालकों द्वारा किए गए तय मानक से अधिक गहराई तक खनन और खनन के लिए बनाए गए रास्तों से हुए सोन नद के कटाव का जायजा भी लिया। बालू घाटों का निरीक्षण करने के बाद अफसरों की टीम ने सहार, खैरा, अजीमाबाद, चांदी और बबुरा में बने बालू चेक पोस्ट का भी निरीक्षण किया। इसकी रिपोर्ट सदस्यों के द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को सौंपी जाएगी। दूसरी तरफ खान एवं भूतत्व विभाग के निदेशक गोपाल मीणा ने खनन विभाग के सहायक निदेशक को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द बालू बिक्री करने के लिए बैठक करें।

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