जातीय जनगणना कराने को ले राजद का धरना:कलेक्ट्रेट के समक्ष राजद के नेताओं ने जमकर लगाए सरकार विरोधी नारे

आरा3 महीने पहले
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कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन करते राजद कार्यकर्ता। - Dainik Bhaskar
कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन करते राजद कार्यकर्ता।

कलेक्ट्रेट पर राजद ने जातीय जनगणना कराने, आरक्षण में बैकलॉग व्यवस्था एवं मंडल आयोग की सभी सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना व प्रदर्शन किया। सरकार विरोधी नारे लगाए। डीएम को ज्ञापन सौंपा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष बीरबल यादव के नेतृत्व में दल के कार्यालय मौलाबाग से नारा लगाते हुए पकड़ी चौक, ब्लॉक रोड होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।

यहां राजद के मुख्य प्रवक्ता सह जिला के प्रभारी भाई विरेंद्र ने कहा कि जबसे केंद्र में मोदी की सरकार आयी है, तबसे इस देश के गरीब-पिछड़े लोग के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बार-बार आरक्षण को समाप्त करने की बात की जा रही है। जातीय जनगणना कराने को लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का लंबा संघर्ष रहा है।

जातीय जनगणना होने से यह प्रदर्शित होगा कि बजट में किसके लिए कितना खर्च किया जा रहा है। जिसकी जितनी आबादी है, उसकी उतनी भागीदारी भी रहनी चाहिए। संदेश की विधायक किरण देवी ने कहा कि अगर मोदी सरकार जातीय जनगणना नहीं करवाती है, तो राज्य सरकार को इसपे गंभीर होना होगा। जब-जब गरीबों की हकमारी होगी, तब तब राजद इसी तरह मुखर होकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्षरत रहेगा।

सरकार नहीं लेगी संज्ञान तो आंदोलन करेंगे तेज
विधायक रामविशुन सिंह लोहिया ने कहा कि केंद्र सरकार जातीय जनगणना नहीं करवाती है, या राज्य सरकार अपने स्तर से इस पर संज्ञान नहीं लेती है तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। जिलाध्यक्ष बीरबल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा जातीय जनगणना का विरोध करना यह साफ इंगित करता है की यह सरकार गरीब- पिछड़ा विरोधी सरकार है। धरना का संचालन प्रधान महासचिव रामबाबू पासवान ने किया। मौके पर नवाज आलम, हीरा ओझा, कपिलदेव अकेला, मुकेश सिंह यादव थे।

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