दर्दनाक हादसा:बालू लदे ट्रक ने किराना दुकानदार को रौंदा, मौत, विरोध में सड़क जाम

आराएक महीने पहले
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सहार में सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों से बात करते थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार। - Dainik Bhaskar
सहार में सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों से बात करते थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार।

सकड्डी-नासरीगंज स्टेट हाईवे 81 पर सहार थाना क्षेत्र में नोनौर गंज के सामने बालू लदे ट्रक से कुचलकर एक दुकानदार की मौत हो गई। मृतक नारायण साह, नाढ़ी गांव के स्वर्गीय रामेश्वर साह के पुत्र थे। दुर्घटना के बाद घटना-स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने ट्रक को पकड़ लिया और चालक को पीटने लगे। ट्रक चालक किसी तरह वहां से जान बचाकर भागने में सफल रहा।

जानकारी के अनुसार नाढ़ी गांव निवासी नारायण साह की गांव में ही किराना की दुकान है। वह अपने गांव से नोनौर बाजार पर खरीदारी करने के लिए आ रहे थे। इसी बीच नोनौर गंज के सामने तीन मुहान पर सहार से सकड्डी की ओर बालू लदा ट्रक जा रहा था। अचानक ट्रक ने नारायण साह को कुचल दिया। जिससे घटनास्थल पर नारायण साह की मौत हो गई। घटना के बाद वहां काफी संख्या में ग्रामीण जुट गये।

माहौल उग्र होने लगा और ट्रक चालक को पीटने लगे। भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रक में रखे पैसे और ज्यादातर सामान लूट लिए। असामाजिक तत्वों ने ट्रक में आग लगाने के लिए तेल टंकी से डीजल निकाला और ट्रक पर छिड़क दिया। लेकिन तत्काल मौके पर माचिस नहीं मिलने और पुलिस प्रशासन के पहुंचने की वजह से असामाजिक तत्वों को ट्रक के जलाने का मंसूबा सफल नहीं हो सका।

ट्रक जलन से बच गया। घटनास्थल पर पुलिस- बल के साथ पहुंचे सहार थाना के थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने उग्र ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। उन्होंने घटना के वक्त ट्रक चला रहे चालक पर उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

उग्र ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
गुस्साए ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को मुआवजे के लिए सड़क जाम कर दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर बवाल काटा। घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे अगिआंव बीडीओ सुनील कुमार सिंह ने मृतक के परिजनों को पारिवारिक लाभ के ₹20000 रुपये का चेक प्रदान किया।

उन्होंने दुर्घटना लाभ की ₹500000 की राशि सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद देने का आश्वासन दिया। जिसके बाद सड़क जाम समाप्त हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल आरा भेजा गया।

पहले फेरी कर कपड़ा बेचते थे नारायण साह
नाढ़ी गांव निवासी नारायण साह पूर्व में फेरी करके कपड़ा बेचा करते थे। वर्तमान में गांव में ही उन्होंने किराने की दुकान कर रखी थी। परिवार में पत्नी पूर्णवासो देवी के अलावा तीन बेटे विनोद साह, मनोज साह और सरोज साह और एक बेटी हैं।

घटना के बाद असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ा
इस घटना में असामाजिक तत्वों ने ट्रक से सामान लूटकर व आग लगाकर माहौल को भड़काना चाहा। हालांकि, उनकी मंशा नाकाम हो गई। लेकिन, ट्रक से सामान लूट की घटना से असामाजिक तत्वों की मंशा स्पष्ट हो गई। नोनौर और बंशीडिहरी गांव के बीच का इलाका बालू लेकर चलने वाले ट्रक चालकों से अवैध वसूली और रात के समय छिनतई के लिए कुख्यात रहा है।

बालू घाट चलने के दौरान पिछले एक साल के अंदर ट्रक चालकों से कई बार छिनतई हो चुकी है। पुलिस ने कई अपराधियों को गिरफ्तार भी किया है। एक अपराधी की गिरफ्तारी के लिए गई पुलिसके खिलाफ उसके परिजनों के द्वारा चोर चोर कहकर हमला भी किया गया था। अपने गांव की बदनामी होते देख छिनतई करने के एक आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था।

भोजपुर में बालू का खनन बंद होने से असामाजिक तत्वों की कमाई कम हो गई है। ट्रक से कुचलकर अधेड़ की मौत के बाद असामाजिक तत्वों को ट्रक में लूटपाट करने का अच्छा बहाना मिल गया था। दूसरी ओर, थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस के पहुंचने के बाद इस तरह का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। इस तरह की जानकारी अब तक नहीं मिली है।

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