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हत्या का आरोप:पीरो के मोथी गांव की शोभा देवी के गले में गमछी का फंदा लगा था, परिजनों का हंगामा

आरा7 दिन पहले
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पीरो थाना स्थित सिपाही आवास में फांसी लगाने से महिला की मौत को लेकर हंगामा करते लोग। - Dainik Bhaskar
पीरो थाना स्थित सिपाही आवास में फांसी लगाने से महिला की मौत को लेकर हंगामा करते लोग।
  • चार दिनों से पुलिस की हिरासत में थे मां-बेटे, पुलिसकर्मी के आवास के शौचालय में मिली महिला की लाश, हंगामा
  • मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तीन महिला कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है

भोजपुर पुलिस की हिरासत में 8 सितंबर से रखे गये मां-बेटा में से चौथे दिन रविवार को पीरो थाना परिसर में मृत पाई गई। उसकी लाश एक पुलिसकर्मी के आवास में पाई गई। उसके गले में गमछी का फंदा लगा था। मृत महिला शोभा देवी, पीरो थाना के मोथी गांव के मुन्ना प्रसाद चंद्रवंशी की पत्नी थी। शोभा व उसके पुत्र प्रकाश को पीरो थाना की पुलिस ने एक कांड में पूछताछ के लिए 8 सितंबर की रात उनके घर से उठाकर हिरासत में लिया था।

रविवार को महिला की मौत होने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। शुरू में पीरो थाना इस मौत को दबाये रखा, गोपनीय बरती। लेकिन महिला की मौत की सूचना पीरो थाने के एक पुलिसकर्मी से मायका सलेमपुर गांव में पहुंच गयी। इसके बाद परिजन सदर अस्पताल में पहुंच गये और एसपी के बुलाने की मांग करते हुए शव को पोस्टमार्टम करने से रोक दिया और प्रदर्शन करने लगे। तब तक कुछ राजनीतिक दलों के नेता भी सदर अस्पताल पहुंच गये।

परिजन शोभा देवी की टार्चर कर हत्या करने और पुत्र प्रकाश को गायब करने आरोप पीरो के थानेदार अशोक चौधरी और पुलिसकर्मियों पर लगाने लगे। वे थानेदार व पुलिसकर्मियों पर हत्या की एफआईआर व गिरफ्तारी, प्रकाश को हाजिर करने व मुआवजा की मांग करने लगे। परिजन व राजनीतिक कार्यकर्ता एसपी की बुलाने और उसके बाद शव का पोस्टमार्टम होने की मांग करने लगे। इस दौरान आरा से सीडीपीओ, आरा की सीओ शालिनी प्रज्ञा, सीओ, टाउन थाना के थानेदार शंभू भगत, सब इंस्पेक्टर मनींद्र कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद थे।

मृतक के भाई धोबहां थाना क्षेत्र में सलेमपुर गांव निवासी संतोष कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि तीज पर्व पर पुलिस रात में शोभा देवी और उसके नाबालिग पुत्र प्रकाश कुमार को उठाकर ले गई थी। शोभा देवी और उसके पुत्र पर किसी प्रकार का केस भी नहीं था। इसके बावजूद दोनों को उठाकर पीरो थाना में दोनों को अलग-अलग स्थान पर पुलिस उसे हिरासत में रखे हुई थी। 9 सितंबर की सुबह जब परिजन मिलने पहुंचे, तो मिलने तक नहीं दिया गया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेने के बाद भी कोर्ट में उपस्थित नहीं किया।

रविवार को बहन शोभा देवी के मरने की सूचना मिली। पीरो के थानेदार ने शोभा देवी को टार्चर कर हत्या कर दिया है। उसके शरीर पर टार्चर के निशान हैं। बहनोई मुन्ना प्रसाद चंद्रवंशी, झारखंड के टाटानगर में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं।

परिजनों का आरोप

हिरासत में टॉर्चर कर हत्या, थानेदार पर हो कार्रवाई
मृतका के बड़े भाई मुन्ना प्रसाद, परिजनों विकास कुमार, आकाश कुमार, प्रकाश कुमार, मंगल कुमार, पुतुल कुमार का कहना है कि शोभा देवी पर किसी घटना में शामिल होने का आरोप नहीं था। फिर भी पुलिस मां-बेटा को उठाकर लाई। चार दिनों तक रखकर टार्चर करके हत्या कर दी। मृतक के शरीर के कई हिस्से, गले व दोनों हाथ में काला निशान था। जो टार्चर करने का प्रमाण है। परिजनों ने थानाध्यक्ष को मुअत्तल कर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

पीरो से आरा तक अलर्ट मोड में थी पुलिस
महिला की मौत के बाद किसी अनहोनी को देखते हुए पीरो थाना को छावनी में तब्दील कर दिया गया। जिले के अगिआंव बाजार, हसनबाजार, चरपोखरी, सिकरहटा, तरारी, इमादपुर सहित करीब आधा दर्जन से अधिक थाना की पुलिस को बुला लिया गया। जिला मुख्यालय, आरा से पुलिसकर्मी भी पहुंचे। पीरो अनुमंडल के एसडीएम अमरेन्द्र कुमार, एसडीपीओ अशोक कुमार आजाद, बीडीओ मानेंद्र कुमार सिंह, सीओ चन्द्रशेखर सिंह सिंह सहित कई वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान कुछ स्थानीय सामाजिक लोगों को भी थाना बुलाया गया था। जहां पुलिस हिरासत में करीब 9 बजे सुबह शव को एम्बुलेंस से आरा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस दौरान आम लोगों को थाना से दूर रखा गया था।

हंगामा-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने प्रकाश को परिजनों के सामने हाजिर किया
दर अस्पताल में परिजनों ने आशंका जताया कि शोभा देवी के पुत्र प्रकाश के साथ भी अनहोनी हो सकती है। इसलिए वे प्रकाश को हाजिर करने की मांग करने लगे थे। उनकी मांग के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने प्रकाश को उनके सामने हाजिर किया।

ग्रामीण चिकित्सक की मौत से जुड़ा है घटनाक्रम?
इस घटना को मोथी गांव में 29 अगस्त को ग्रामीण चिकित्सक मंतोष कुमार के अपहरण से जुड़े होने की चर्चा है। एक सितंबर को एक टूटे और सुनसान घर में शव मिला था। परिजनों ने विषैला पदार्थ खिलाकर हत्या करने व जांच की मांग की थी। जिसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर महिला और दबाव बनाने के लिए उसके पुत्र को पुलिस उठाकर लाई थी। महिला उस केस में आरोपी नहीं थी। गांव के चार अन्य लोगों को भी हिरासत में रखा गया था।

जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई: एसपी

  • घटना की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। पीरो के एसडीपीओ को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जो भी दोषी मिलेगें कार्रवाई की जाएगी। अभी तीन महिला कॉन्सटेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। - विनय तिवारी, एसपी, भोजपुर
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