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आस्था:सीताराम विवाह महोत्सव 11वें वर्ष के नौवें दिन पर संत बोले- मुक्ति तभी मिलेगी जब ईश्वर के चरणों में जीवन समर्पण करेंगे

आराएक महीने पहले
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प्रवचन करते प्रदीप जी महाराज। - Dainik Bhaskar
प्रवचन करते प्रदीप जी महाराज।
  • माचा स्वामी महिला सेवा समिति राष्ट्रीय महिला परिषद करा रही श्री सीताराम विवाह महोत्सव

माचा स्वामी महिला सेवा समिति राष्ट्रीय महिला परिषद आरा के तत्वधान में श्री सीताराम विवाह महोत्सव 11वॉ वर्ष के नवम दिवस पर यज्ञ चार भोली बाबा विधिवत देवी देवताओं का पूजन कराया। वही मानस पाठ करता शशि भूषण महाराज ने पाठ के माध्यम से प्रभु श्री राम का राज्याभिषेक की प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए। कहां की जो सन्यासी अपने जीवन में संसार से मुक्ति का मार्ग नहीं ढूंढा वह पुनः संसार रूपी चक्र में पड़ा रहता है, जो संसार में लगने वाला हर प्राणी को अपने जीवन से मुक्ति का मार्ग रखना चाहिए। मुक्ति तभी मिलती है जब जीव ईश्वर के श्री चरणों में अपने जीवन को समर्पण करता है।

भरत जी के चरित्र चित्रण यह प्रकाशित भरत जी अपने जीवन को राज सत्ता से हटाकर अपने को ईश्वर की प्रतीक्षा में जीवन पर अंत किया,और अवध वासी भी उनके चरित्र का अनुसरण और प्रभु के साथ शालोक की प्राप्ति में वही श्री धाम वृंदावन से पधारे श्री प्रेम मूर्ति प्रदीप जी महाराज श्री भागवत कथा के अंतर्गत संसार को छोड़ने वाला कहा हम जब यहां आते हैं तब संसार में फंस जाते हैं और संसार एक दिन हम से छूट जाता है। आज जितने साधन बढी उतने हम ईश्वर से दूर हो गए। पहले साधन नहीं था तो ईश्वर के पास थे जो हर जीव को यह चाहिए कि इस लोक और परलोक दोनों का मुक्ति का मार्ग ढूंढे अपने को ईश्वर की समीप रखें।

भागवत कथा के पूजन समिति के सदस्यों ने मिलकर पूजन किया। मंच संचालक मुक्तेश्वर उपाध्याय जी ने किया। इस आयोजन को पूर्ण करने में महिलाओं का पुण सहयोग रहा, और इस आयोजन को डॉक्टर के एन सिन्हा, डॉ विजय सिंह, डॉ कन्हैया सिंह, डॉ टीपी सिंह, महारानी मारबल, श्याम बाबू, बरिया माता दिन अग्रवाल और समिति के अध्यक्ष श्री लालती सिंह, लीला, उर्मिला, उषा, लक्ष्मी, डा प्रेमशिला, प्रतिमा, विश्लेषण राधिका, उमेश तिवारी, जयप्रकाश तिवारी, रवि शंकर तिवारी, मानस पाठ में मदन चौबे, सत्येंद्र पांडे सब मिलकर सहयोग की मंदिर के सभी सहयोगी ने मेरे पास वही काल इस आयोजन का हवन भंडारा का साथ आयोजन पूर्ण होगा, कथा के अंतिम दिन मानस मानस पाठ करता शशि भूषण जी महाराज के द्वारा भागवत कथा का सराहनीय कार्य को देखते हुए मीडिया प्रभारी मुक्तेश्वर उपाध्याय जी स्वामी के हाथों द्वारा सम्मानित किया गया।

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