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आखिरी मौका:दाखिले से वंचित छात्र निर्धारित समय सीमा के भीतर विद्यालयों में ले सकते हैं नामांकन

आरा2 दिन पहले
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  • विद्यालयों में 30 सितंबर तक होगा नामांकन, छात्र-छात्राएं लें दाखिला
  • अवर विद्यालय निरीक्षक बोलीं- प्रधानाचार्यों को दी गई अल्बेंडाजोल की गोलियां
  • पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों को ई-लॉट्स से आॉनलाइन पाठ्य पुस्तकें पढ़ने का अवसर

जिले के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में 30 सितंबर तक नामांकन लिया जाएगा। नामांकन से वंचित छात्र-छात्राएं निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना नामांकन करा सकते हैं। इसके बाद नामांकन के लिए दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रेमचंद ने बताया कि जो भी बच्चे अभी तक नामांकन से वंचित है वह 30 सितंबर तक अपने नजदीकी विद्यालयों में नामांकन ले सकते हैं। इस कड़ी में मंगलवार को ब्लॉक रोड स्थित प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) आरा में प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों की एक बैठक हुई।

अवर विद्यालय निरीक्षक विनीता कुमारी ने बताया कि बैठक में विद्यालय शिक्षा समिति के गठन के लिए खाता खोलने पर मंथन किया गया। एचडीएफसी बैंक में खाता खोलने में आ रही परेशानियों के बारे में चर्चा की गई । कैम्प लगाकर सचिव एवं प्रधानाध्यापक का संयुक्त खाता खोला जाएगा। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 16 से 21 सितंबर तक विद्यालयों में चलाए जाने वाले अभियान पर भी वार्ता हुई। अल्बेंडाजोल की गोलियां विद्यालयों के प्रधान को दिया गया।

19 वर्ष तक के विद्यार्थियों को कृमिमुक्ति के लिए मिलेगी दवा
स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से 19 वर्ष तक के बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। मालूम हो कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान बच्चों को पेट में कीड़ा मारने की दवा खिलाई जाएगी। यह दवा खाली पेट किसी को भी नहीं खिलायी जाएगी। एक से दो साल तक के बच्चों को आधा टैबलेट एवं उससे अधिक उम्र के लोगों को एक टैबलेट खिलाया जाएगा।

आगे बताया कि फिट इंडिया और ई-लॉट्स ऐप को धरातल पर लाने के लिए भी मंथन हुआ। बैठक में यशोद्धा कन्या विद्यालय प्रधानाध्यापक प्रवीण प्रियदर्शी, राजकीय आदर्श मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुनील कुमार सहित अन्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक उपस्थित थे।

इस दौरान जानकारी दी गई कि बच्चों में कृमि की समस्या सबसे अधिक होती है। पेट में कृमि रहने से बच्चों की बीमार होने की आशंका प्रबल हो जाती है। इसलिए राज्य सरकार अभियान चलाकर कृमिमुक्ति के लिए कटिबद्ध है। इस दौरान सभी स्कूली बच्चों को कृमि नाशक दवा अल्बेंडाजोल की खुराक दी जाती है।

विद्यालयों में ई-लॉट्स के प्रचार-प्रसार करने का लिया गया निर्णय
विद्यालयों में ई-लॉट्स (लाइब्ररी ऑफ टीचर एंड स्टूडेंंट) ऐप के प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया गया है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए जिले के सभी विद्यालयों में फैलक्स बोर्ड लगाए जाएंगे। इस ऐप के जरिए वर्ग प्रथम से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पाठ्य पुस्तक का लाभ उठा सकते है।

बिहार बोर्ड एवं एनसीआरटी की पुस्तक सहित सारे स्टडी मेटेरियल एक क्लिक करने पर छात्र-छात्राओ को घर बैठे मिल सकता है। गौरतलब हो कि इस ऐप के लांच करने का मूल उद्देश्य विकट परिस्थिति में भी बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़े रखना है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना, राज्य शिक्षा शोध प्रशिक्षण परिषद पटना और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से ई-लॉट्स ऐप का लांच किया गया है।

पाठ्य पुस्तक की उपलब्धता संबंधित प्रतिवेदन प्रपत्र भी चर्चा
विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं को पाठ्य-पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के विषय पर भी गहन मंथन चला। कई विद्यालयों के प्रधान ने जिला शिक्षा विभाग की तरफ से जारी प्रतिवेदन पर भी अपनी बातों को मजबूती से रखा। कहा कि पाठ्य-पुस्तक की उपलब्धता से संबंधित दैनिक प्रतिवेदन प्रपत्र में कई तरह की जानकारियां मांगी गई है। जिसमें नई पुस्तकें और पुरानी पुस्तकों का विवरण मांगा गया है। डीबीटी के माध्यम से जो राशि नामांकित विद्यार्थियों के खाते में आयी है, उस राशि को छात्र-छात्राओं ने अपने खाते से निकाल तो लिया है।

परन्तु आधे से अधिक छात्र-छात्राओं ने पुस्तकों की खरीदारी नहीं की है। जिला शिक्षा कार्यालय की तरफ से जारी फार्मेंट को भरने में काफी परेशानी आ रही है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि शिक्षा विभाग को सरल तरीके से इसका निष्पादन करना चाहिए। आसानी से अगर किताबें उपलब्ध हो जाएं, तो हमलोगों को पढ़ाई करने में काफी आसानी होगी। अभी जो व्यवस्था है उससे हमलोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिससे की समय भी जाया होता है।

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