अब मिली राहत / ...शादी की खुशी लॉकडाउन में बेबसी में बदल गई

... The joy of marriage turned into lockdown powerlessness
X
... The joy of marriage turned into lockdown powerlessness

  • लॉकडाउन में फंसे लोग जब वापसी की यात्रा पर निकले तो उनके चेहरों पर दिखी राहत

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:00 AM IST

आरा. मैं यहां 23 फरवरी से एक शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली से आई हुई थी। सोचा यहां कुछ दिन रह कर फिर वापस चली चली जाऊंगी। इसी बीच अचानक लॉकडाउन के कारण उसी समय से यह फंस कर रह गई।  यहां अिधक दिन रूकने के कारण शादी की खुशी लॉकडाउन की बेबसी में बदल गई थी। उक्त बातें शहर के आनंद नगर निवासी आभा देवी ने आरा रेलवे स्टेशन पर श्रमजीवी एक्सप्रेस का इंतजार करने के दौरान बताया। अपने साथ 5 वर्षीय पुत्री ममता कुमारी को साथ लिए आभा के चेहरे पर ट्रेन चलने की खुशी साफ दिख रही थी। उसने रेल सेवा चालू करने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद भी दिया।

दिल्ली से आकर आरा में फंसे प्रवासियों ने रेल सेवा शुरू होने से ली राहत की सांस
आरा रेलवे स्टेशन पर सुबह के 10:30 बज रहे थे। दो नंबर रेलवे प्लेटफाॅर्म पर दिल्ली जाने के लिए श्रमजीवी एक्सप्रेस का एक दंपती अपने तीन बच्चों के संग इंतजार कर रहा था। ये गोढ़ना रोड के निवासी संतोष आनंद, इनकी पत्नी पल्लवी सिंह, पुत्र आरव आदित्य और आब्या थे। दिल्ली जाने के संबंध में पूछे जाने पर संतोष आनंद ने बताया कि हमारा भी दर्द अन्य प्रवासियों से कम नहीं है। हम दिल्ली से होली में अपने घर यहां आए थे। लॉक डाउनलोड ने के कारण तब से यहां पर हम सभी परिवार के लोग फंस कर रह गए हैं। मैं वहां पर नोएडा की मेडिकल कंपनी में काम करता हूं। ज्यादा दिनों से यहां रहने के कारण कंपनी के लोग बार-बार अविलंब नौकरी ज्वाइन करने की बात कर कहते हैं, तो दूसरी तरफ छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। ट्रेन खुलने की खुशी उनके चेहरों पर साफ दिख रही थी। पत्नी और बच्चे सोशल डिस्टेंस के नियमों का पालन करते हुए जल्द से जल्द ट्रेन आने का इंतजार कर रहे थे।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना