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विवाद थमा:आरा में ही रहेगा वीकेएसयू,कोईलवर में नहीं बनेगा खंड, मेडिकल कॉलेज का पेंच भी खत्म

आरा12 दिन पहले
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वीकएसयू अब पूर्णत: आरा शहर में ही रहेगा। विवि अब तीन खंडों में विभाजित नहीं होगा। कोईलवर में भी अब किसी खंड का निर्माण नहीं होगा। ना कोईलवर की जमीन और आरा में वीकेएसयू की किसी जमीन से बदलैन होगा। इस तथ्य की अधिकारिक मुहर लग चुकी है। विवि के तीन खंड में विभाजित होने से इसके संचालन में होने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों और मेडिकल कॉलेज की स्थापना में बाधा हटाने के लिए यह निर्णय लिया गया

है। दैनिक भास्कर ने भी शुरू से ही वीकेएसयू के खंड-खंड विभाजित होने इसके संचालन में होने वाली कठिनाइयों के बारें में अगाह किया था। इसके बजाय विवि की जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनाने के बदलैन में आरा में ही कृषि विभाग की जमीन दी जाएगी। इस बीच, वीकेएसयू के पुराने कैम्पस, कतीरा से सटे कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन को वीकेएसयू को देने का प्रस्ताव शिक्षा विभाग ने भेजने को कहा है।

शिक्षा विभाग ने डीएम रोशन कुशवाहा को जमीन की अद्यतन स्थिति से अवगत कराने को कहा है। इस जमीन को देने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र के जमीन की मापी भी शुरू कर दी गई है। विगत दो दिन से आरा अंचल के राजस्व कर्मचारी अनिल कुमार पंत और अमीन फिरोज जमीन की मापी करने में लग गए हैं।

जिसे इस सप्ताह तक पूरा कर अंचल कार्यालय से जमीन की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। डीएम इस रिपोर्ट को शिक्षा विभाग के सचिव के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेज देंगे। इसके बाद शिक्षा विभाग इस जमीन का आवंटन वीकेएसयू को कर देगा। गौरतलब हो कि आठ सितंबर को 2020 को राज्य सरकार ने अपने फैसले के तहत प्रस्तावित चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के लिए भोजपुर जिलान्तर्गत उदवंतनगर अंचल के

मौजा-एकौना एवं भेलाई में क्रमश: थाना संख्या -354 एवं 228 के विभिन्न खाता, खेसरा के शिक्षा विभाग के अंतर्गत वीकेएसयू भोजपुर की 25 एकड़ 14 डिसमिल भूमि को स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कोईलवर मानसिक आरोग्यशाला अंचल कोईलवर मौजा-छितमपुर, थाना नंबर- 130, खाता संख्या-113, खेसरा-326 एवं रकबा-25 के 25 एकड़ की भूमि में परस्पर बदलैन का फैसला लिया था।

इसी वर्ष मेडिकल कॉलेज का भवन निर्माण कार्य हो सकता है शुरू
मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए भवन का निर्माण कार्य इस वर्ष के अंत तक शुरू हो सकता है। इसका कारण यह है कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के द्वारा हाल के दिनों में विश्वविद्यालय से जमीन की एनओसी मांगी गई थी। एनओसी मांगे जाने की पुष्टि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ धीरेंद्र प्रसाद ने भी की है। वहीं, राज्य सरकार के द्वारा कॉलेज निर्माण के लिए लगभग₹500 करोड़ से ज्यादा की राशि भी आवंटित कर दी गई है।

कृषि विज्ञान केंद्र की जमीन वीकेएसयू को मिलने से विवि का चौमुखी विकास होगा। जीरोमाइल स्थित विवि की भूमि की स्थानांतरण करने के लिए कैबिनेट ने मुहर लगा दी थी। यह भूमि विवि को कोईलवर में दी जा रही थी। दैनिक भास्कर ने लगातार इसके विरोध में खबर को प्रकाशित किया। जिसका असर है कि अब कृषि विज्ञान केंद्र के जमीन की बात चल रही है।
-डॉ कुमार कौशलेंद्र, सिंडिकेट सदस्य

जमीन की मापी शुरू है, जल्द ही भेजा जाएगा प्रस्ताव
शिक्षा विभाग के द्वारा मांगे जाने पर कृषि विज्ञान केंद्र के जमीन की माफी शुरू हो चुकी है। जल्द ही जमीन की पूरी रिपोर्ट संबंधित विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजी जाएगी। इसके बाद जो आदेश आएगा उसी के अनुसार कार्य किए जाएंगे।
- रोशन कुशवाहा, डीएम, भोजपुर

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