लापरवाही:ओवरलोडेड ट्रकों के बालू से रेलवे पुल खतरे में

कोईलवर8 महीने पहले
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  • ओवरलोडेड ट्रकों से बालू गिरने से रेल पुल पर 6 से 8 इंच तक बालू व धूल जमने से परेशानी

अस्सी नब्बे के दशक में रेलवे द्वारा कोईलवर अब्दुलबारी रेल सह सड़क पुल के दोनों सड़क मार्ग में नियमित साफ-सफाई करायी जाती थी। पुल के सड़क मार्ग पर बालू जमा हो जाने के बाद उसे हटाया जाता था। आज के समय में कोईलवर पुराने पुल के दक्षिणी लेन से रोजाना सैकड़ों बालू ओवरलोड ट्रक आरा, छपरा समेत उत्तर बिहार व यूपी के पूर्वांचल जिलाें में जाता है। जिन ट्रकों पर वहन क्षमता से ज्यादा बालू लोड रहता है। स्थिति ऐसी है कि वाहन की ऊंचाई से भी ज्यादा बालू ट्रकों पर लोड कर खदानों से निकाला जा रहा है। जो पटना जिले के बिहटा होते हुए कोईलवर पुल पर पहुंचता है। पुल में प्रवेश करने के साथ ही ऊपरी हिस्से से वाहनों पर ओवरलोड बालू पूरबी व पश्चमी मुहाने के साथ साथ पूरे में गिरता है। जिससे पुल में और दोनों मुहानों पर बालू की छह से आठ इंच मोटी परत जमा हो गई है।

दूसरी तरफ, ओवरलोड ट्रकों पर पानी सने बालू होने के कारण पुल में पानी टपकते रहता है। जिससे दक्षिणी लेन जर्जर हो गया है। जिसे कोई ना देखने वाला है ना कोई रोकने वाला है। ओवरलोड बालू वाले वाहनों को रोकने के लिए पटना जिले के बिहटा और परेव में यातायात पुलिस, पटना पुलिस के चेक पोस्ट है। जहाँ इंट्री गिरोह और ट्रक चालकों द्वारा नजराना देते ही ओवरलोडिंग के सारे मापदंड कानून धरे के धरे रह जाते है। और

ट्रक चालक बालू ओवरलोड वाहन लेकर आराम से पुल से निकल जाते हैं। पटना जिला के बिहटा थाना क्षेत्र के परे पूरबी मुहाने पुल का पूरबी छोर और भोजपुर जिले के कोईलवर में ओवरलोड ट्रक से गिरे बालू में फंस प्रतिदिन एक दर्जन बाइक सवार गिर चोटिल होते हैं। हालांकि पश्चमी छोर पर स्थानीय दुकानदाराें के सहयोग से पुल पर गिरे बालू को हटवा पानी का छिड़काव कराया जाता है।

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