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नई तकनीक:मछलीपालन व धान की खेती करने पर होगा तिगुना लाभ

आरा2 दिन पहले
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  • जलवायु अनुकूल कृषि प्रणाली के तहत धान के साथ केला उपजाने पर प्रति एकड़ ₹1.50 लाख मुनाफा

जलवायु अनुकूल कृषि प्रणाली के अंतर्गत किसानों को अब धान के साथ- साथ मछली पालन करने से 3 गुना से 4 गुना ज्यादा आय की प्राप्ति होगी। इससे कम समय में किसानों को काफी कम लागत पर ज्यादा मुनाफा होगा। उक्त जानकारी जलवायु अनुकूल कृषि प्रणाली का प्रशिक्षण देते हुए आरा कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि वैज्ञानिक डॉ पीके द्विवेदी ने पटना जिले के किसानों से कहीं। समेकित कृषि प्रणाली के अंतर्गत वैज्ञानिक ने कहा कि धान के खेतों में उसके मेढ़ को एक से डेढ़ फीट ऊंचा कर देने पर उसमें आराम से मछली का पालन किया जा सकता है। एक एकड़ के रकबा में 3000 मछली के बीज डाले जा सकते हैं।

इन 3000 से 15 क्विंटल मछली की प्राप्ति होगी। जो कम से कम डेढ़ से दो लाख रुपए में बेची जा सकती है। इस तरह 1 एकड़ में 40 से ₹50000 का धान और डेढ़ से दो लाख रुपए की मछली बेच कर लगभग ढाई लाख रुपए की आय अतिरिक्त प्राप्त कर सकते हैं किसान। कृषि वैज्ञानिक शशि भूषण कुमार शशि ने बताया कि धान के साथ-साथ केला की खेती करने पर प्रति एकड़ ₹1 लाख अतिरिक्त आय की प्राप्ति होगी। धान के खेतों में 1 एकड़ में लगभग 1000 केला के पौधे लगाए जा सकते हैं। 1000 केला के पौधों से कम से कम 3 से 4 माह के अंदर एक 1000 बड़े घवध प्राप्त होंगे। जिसे कम से कम डेढ़ लाख रुपए में बेचा जा सकता है। यह धान के अलावा अतिरिक्त आय होगा।

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