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पहल:स्कूल से बाहर के बच्चों को जोड़ने के लिए आज होगी एक दिनी कार्यशाला, प्रखंड साधनसेवी और सभी सहायक लेखापाल को दिया जाएगा प्रशिक्षण

आरा2 महीने पहले
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  • सर्वेक्षण कर आंकड़ा को बेस्ट एप पर करना होगा अपलोड, एक से 25 नवंबर तक गृहवार होगा सर्वेक्षण
  • छह से 18 वर्ष तक के बच्चों को स्कूलों से जोड़ने की कवायद, ताकि सभी बच्चे पढें और बढ़ें

शहर के राजकीय कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय में 30 सितंबर गुरुवार को एक कार्यशाला का आयोजन होगा जिसमें स्कूल से बाहर रहने वाले 6 से 18 वर्ष के बच्चों का सर्वेक्षण कैसे किया जाए इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। इस कार्यशाला में सभी प्रखंड साधन सेवी, सभी सहायक लेखापाल सह डाटा एंट्री ऑपरेटर और समावेशी शिक्षा के सभी प्रखंड साधन सेवी शामिल होंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रेमचंद ने बताया कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद् के निर्देशानुसार स्कूलों से बाहर रहने वाले सभी बच्चों का सर्वेक्षण किया जायेगा।

यह सर्वेक्षण एक से 25 नवंबर तक गृह वार चलेगा। सर्वेक्षण का उद्देश्य स्कूल से बाहर के छह से 18 आयु वर्ग के सभी बच्चों की पहचान करना और उन्हें उम्र के सापेक्ष कक्षा में नामांकन कराना है। सर्वेक्षण के लिए एक फॉरमेट भी निर्धारित किया गया है। इसमें स्कूल से बाहर के बच्चों की पहचान करने के लिए आंकड़े इकट्ठा किया जाना है। आंकड़े इकट्ठा करने के लिए घर.घर जाने के पूर्व प्रत्येक सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय में एक हेल्प डेस्क का गठन भी किया जाएगा।

शिक्षा से वंचित बच्चों की होगी पहचान
सर्वेक्षण का कार्य पूरा होने के बाद 25 से 30 नवंबर तक आम सभा की बैठक में आंकड़ों की संपुष्टि करायी जायेगी। एक से सात दिसंबर तक सर्वेक्षण में स्कूल से बाहर पाये गये बच्चे के पूर्व ज्ञान की जांच व नामांकन अभियान चलेगा। इसके बाद 15 दिसंबर तक प्रपत्र के अनुसार ऐप्प में आंकड़ों को अपलोड किया जाएगा। सर्वेक्षण कार्यक्रम का अनुश्रवण राज्य एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों की ओर से किया जाएगा। शहरी क्षेत्र में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंडए, चौक-चौराहों, मंदिर और मस्जिद आदि क्षेत्रों में घुमंतु एक-एक बच्चों की पहचान कर उनका निर्धारित प्रपत्र में आंकड़ा संगठित किया जाएगा।

ताकि उनका नामांकन नजदीकी विद्यालय में कराया जाए सके। उनके उम्र सापेक्ष दक्षता के लिए विशेष प्रशिक्षण का नियमानुसार प्रस्ताव मांगा गया है। स्टोन, क्रशर और ईट भट्ठों आदि पर रहने वाले बच्चों का भी आंकड़ा संग्रह प्रपत्र में अलग से किया जाएगा। आगे बताया कि स्कूल के प्रधान शिक्षक या हेडमास्टर की ओर से सर्वेक्षण के लिए गृहवार भ्रमण को ले रणनीति बनायी जायेगी।

शिक्षक करेंगे गृहवार सर्वेक्षण, बेस्ट एप पर किया जाएगा आंकड़ा अपलोड, सभी प्रधानाध्यापकों को दी जाएगी लॉग-इन आईडी
सर्वेक्षण का आंकड़ा बेस्ट ऐप्प पर अपलोड होगा। सभी विद्यालयों के प्रधान शिक्षक अथवा प्रधानाध्यापक को लॉगिन आईडी प्रदान किया जाएगा। लॉगिन कर प्रधान शिक्षक अथवा प्रधानाध्यापक हेल्प डेस्क के नोडल शिक्षक के सहयोग से आंकड़ों की प्रविष्टि करेंगे।

जैसे- जैसे आंकड़ों की प्रविष्टि होती जाएगी। वैसे-वैसे आंकड़े राज्य स्तर पर स्वत: समेकित होते जायेंगे। इसके तहत एचएम के नेतृत्व में सभी शिक्षकों के बीच पोषक क्षेत्र का बंटवारा करके एक-एक घर का सर्वेक्षण निर्धारित फॉरमेट में किया जायेगा।

खाता संचालन पर रोक लगाए जाने पर शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने किया हंगामा
आरा|जन सहकारी डिग्री कॉलेज बराप गड़हनी के बैंक खाता संचालन पर रोक लगाए जाने की अधिसूचना जारी होने पर शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने नाराजगी जताया। प्रशासनिक भवन के समक्ष हो-हल्ला एवं हंगामा किया। खाता संचालन पर रोक लगाए गए पत्र को अविलंब निरस्त करने की मांग प्रभारी कुलपति प्रो डॉ केसी सिन्हा एवं प्रति कुलपति डॉ सीएस चौधरी से किया।

शिक्षक प्रतिनिधि डॉ संजय कुमार राय ने कहा की विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आये दिन नियम परिनियमों को अनदेखा कर कार्य किया जा रहा है। कॉलेज के बैंक खाता संचालन पर अनावश्यक रूप से रोक लगाये जाने के कारण स्नातक पार्ट वन, सत्र-2020-23 के छात्र-छात्राओं का पंजीयन शुल्क जमा नहीं किया जा सकता है।

इससे छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक सकता है। शिक्षक/ शिक्षकेतर कर्मचारी भी भुखमरी के कगार पर आ जायेगें। जितेन्द्र कुमार पाण्डेय ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया की छात्रहित एवं कर्मचारी हित में अविलम्ब पूर्व की भांति खाता को संचालित करने का आदेश निर्गत किया जाए।

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