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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट:75 करोड़ की राशि से बनेगा वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, निगम जमीन खोजने में जुटा

आरा11 दिन पहले
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आरा नगर निगम। - Dainik Bhaskar
आरा नगर निगम।

शहर में पांच साल पुरानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना अब फिर से शुरू हो सकती है। इसके लिए अब नए सिरे से शुरुआत की जाएगी। आरा शहर में वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने को लेकर सरकार ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में स्वीकृति दिया था। जमीन उपलब्ध नही होने के वजह से प्लांट का निर्माण नहीं कराया गया था।

शहर में वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए सरकार ने दोबारा नगर निगम को स्वीकृति प्रदान किया है। यह आदेश नगर निगम को मार्च माह में मिली है। सरकार के इस फैसले पर नगर निगम ने इस पर कार्य शुरू करना भी शुरू कर दिया है।

नगर निगम सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने को लेकर पुनः जमीन तलाशने लग गया है। यह प्लांट वित्तीय वर्ष 2020- 21 में पूरा कर लेना है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट डेढ़ एकड़ जमीन में लगाया जाएगा। जिसकी लागत 75 करोड़ रुपये है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने को लेकर नगर निगम ने वर्ष 2016-17 में शहर एवं विकास विभाग को भेजा था। हालांकि कई वर्षों के बाद इस योजना को सरकार से स्वीकृति मिली।

प्लांट में पानी तीन चरणों साफ किया जाएगा

जैन कॉलेज के भूगोल विभाग के प्रोफेसर डा संदीप सागर ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से गंदा पानी को तीन चरण पानी साफ किया जाता है। स्वायल बायो टेक्नॉलजी, अर्थात मृदा जैव प्रौद्योगिकी द्वारा सीवर वाटर ट्रीटमेंट के पश्चात् प्राप्त जल का फसलों के उत्पादन, फल, फूल सब्जी, उत्पादन तथा कपड़े धोने और शौचालय आदि के कार्यों में तरह उपयोग किया जा सकता है।

इसमें तीन टैंक बनाए जाते हैं। पहले टैंक में रा वाटर होता है। जिसमें बड़े अपशिष्ट पदार्थ प्लास्टिक, पत्थर, गिट्‌टी, बालू और अन्य अपशिष्ट पदार्थ को पानी से अलग किया जाता है। दूसरा टैंक बायोरिएक्टर-दो में बचा पानी को साफ किया जाता है और उससे बायो गैस बनाया जाता है।

तीसरा टैंक बायोरिएक्टर में पानी में केमिकल मिलकर साफ किया जाता है। जिससे पानी को खेती करने व अन्य कार्यों में किया जाता है। उसके बाद इसका उपयोग खेती, औद्योगिकी के लिए है। उन्होंने बताया कि यह प्रौद्योगिकी पूरी तरह इको फ्रेंडली है। स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।

शहर के वार्डों से हर दिन निकलता है 20 हजार लीटर पानी
आरा नगर निगम के 45 वार्डों से प्रतिदिन लगभग बीस हजार लीटर से लीटर से अधिक गंदा पानी गांगी नदी में गिराया जाता है। जिससे गांगी नदी दूषित हो रही है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लग जाने से गंदा पानी को प्यूरिफाई करने के बाद खेत पटवन, फायर ब्रिगेड, बागवानी सहित कई अन्य कार्यों में लगाया जाएगा। प्लांट लगाने के लिए नगर निगम डेढ़ एकड़ जमीन तलाश रही है। जमीन मिल जाने के बाद वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

नाले दुरुस्त किए गए
शहर के मुख्य नालों सहित छोटे-मोटे नालों को भी दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। निगम के अब तक शहर में 70% नालों का मरम्मत और निर्माण करा चुका है।

रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
शहर में प्लांट बैठने पर जिले में बेरोजगार युवकों को रोजगार मिलने का अवसर प्राप्त होगा। मजदूरों की मांग बढ़ेगी। प्लांट से रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

सरकार के द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए स्वीकृति दिया गया है। नगर निगम के द्वारा कई वर्ष पहले यह प्लान भेजा गया था। इससे नगर निगम को स्वच्छ और सुदंर बनेगा। हमसबों की मेहनत रंग लायी है। नगर निगम विकास की ओर अग्रसर है।-रुबी तिवारी, मेयर आरा।

वॉटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। शहर में प्लांट बैठाने को लेकर जमीन तलाशी जा रही है। जमीन मिल जाने के बाद प्लांट बैठाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-धीरेंद्र पासवान, नगर आयुक्त आरा।

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