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  • With The Installation Of The Kalash, Devotees Worshiped Maa Shailputri With A Sincere Heart, A Large Number Of People Reached Durga Temples To Worship The Mother.

शारदीय नवरात्रि:कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की श्रद्धालुओं ने की सच्चे मन से आराधना, दुर्गा मंदिरों में माता की पूजा करने बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

आरा12 दिन पहले
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नव दुर्गा मंदिर में आरती में शामिल श्रद्धालु। - Dainik Bhaskar
नव दुर्गा मंदिर में आरती में शामिल श्रद्धालु।

कलश स्थापना के साथ ही गुरुवार को नव दिन का शारदीय नवरात्र शुरु हो गया। आरा शहर के पुराना होमगार्ड कार्यालय परिसर, सर्किट हाउस, महावीर टोला सहित सभी पूजा पंडालों में कलश स्थापना कर भक्तों ने पूजा अर्चना की। पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। आज मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाएगी। शहर के पकड़ी स्थित श्रीश्री जोड़ा मंदिर, आरण्य देवी मंदिर, रमना स्थित नवदुर्गा मंदिर, बुढ़वा महादेव मंदिर, शिवगंज दूर्गा मंदिर, स्टेशन रोड दूर्गा मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही।

कोविड-19 के कारण से पूजा-अर्चना को लेकर मिली छूट के कारण से भक्तों में काफी उत्साह का माहौल दिख रहा है। इधर दुर्गा मंदिर विंध्यवासिनी कॉलोनी मोती टोला में कलश स्थापना करते हुए श्रद्धालु भक्त जिसमें पंडित राजेंद्र पांडेय, प्रमोद राय, धर्मवीर प्रसाद थे। शहर के आनंद नगर स्थित काली मंदिर प्रांगण में मां की आराधना में लीन एकौना घाट निवासी विनोदानंद बाबा उर्फ लाल बाबा लगातार 14 वर्षों से नवरात्र में अपने सीने पर कलश रखकर माता के भक्ति में लीन रहते है।

लाल बाबा ने बताया कि 1984 में कोलकाता के ब्लू रूप में अपने सीने पर कलश स्थापित किए थे। हमारे आदर्श गुरु भजन सम्राट मुक्तेश्वर बाबा है जिन्होने मेरा हमेशा हौसला बढ़ाते रहे। नव दुर्गा मंदिर में शाम को भव्य माता की आरती हुई जिसमें महंथ सुमना बाबा ने कहा कि आज गुरुवार से हिंदू धर्म का नया वर्ष प्रारंभ हुआ। ये दिन नवरात्रि की प्रथम दिन भी कहा जाता है, इस दिन को शैलपुत्री के रूप में भी मनाया जाता है, धर्म कहता है बेटी है तभी सृष्टि है, बेटी हीं सरस्वती, काली, दुर्गा और लक्ष्मी है।

इधर पूर्वी काली मंदिर बीरमपुर में श्रीमद्भागवत ज्ञान- कथा के पहले दिन प्रवचन करते हुए आचार्य भारतभूषण महाराज ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति से ही भगवान की भक्ति संभव है। संसार में कई प्रकार के प्रलोभन व्यक्ति को सही रास्ते से भटकाते हैं। ऐसे में प्रबल धारणा शक्ति से ही धर्म, न्याय और ईश्वर की उपासना का पथ प्राप्त होता है।

मंदिरों के आसपास तैनात रही पुलिस
नवरात्र को लेकर शहर के पकड़ी चौक, गोपाली चौक, नवादा चौक, धर्मन चौक सहित सभी चौक-चौराहों पर पुलिस का पुख्ता इंतजाम पुलिस प्रशासन के द्वारा किया गया था। वन वे हो जाने से जाम की स्थिति नहीं बन रही है जिसका लाभ आम जनता को भी मिल रहा है।

दिगम्बर जैन चन्द्रप्रभु मंदिर में ज्वालामालिनी देवी दिव्य आराधना
दिगम्बर जैन चन्द्रप्रभु मन्दिर में बड़े भक्तिभाव से ज्वालामालिनी देवी दिव्य आराधना का शुभारंभ ब्र. सुलोचना जैन के द्वारा झंडोत्तोलन करके किया गया। गुरुवार को प्रातः समय जिनेन्द्र प्रभु की भक्तिपूर्वक अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा हुआ। जिसमें शांतिधारा नेहा, प्रशांत जैन, प्रभा, डॉ राकेन्द्र चन्द्र जैन जी ने किया।

पूजा मण्डप पर रजत कलश की स्थापना करने का सौभाग्य राकेन्द्र जैन, शशांक जैन, अंशु जैन, आदित्य बिजय जैन, सुनील जैन थे। के परिवार को प्राप्त हुआ। छत्र स्थापना मिनाली-अभिषेक जैन के द्वारा किया गया। दोपहर समय में इंदौर से पधारे अनुष्ठानाचार्य कपिल भैया सार्थक एवं पंडित गुलाब चन्द्र जैन शास्त्री के मन्त्रोच्चारण के बीच देवी ज्वालामालिनी मां का दिव्य आह्वान किया गया। माता के श्रृंगारकर्ता रेशु, डॉ हर्षित जैन के परिवार ने बहुत ही भक्तिपूर्वक देवी मां की आराधना, श्रृंगार, एवं गोद भराई किये। मौके पर निलेश कुमार जैन सहित काफी संख्या में भक्त थे।

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