​​​​​​​गड़हनी के दुलारपुर गांव की घटना:पूजन सामग्री और पुरानी तस्वीरें आहर में प्रवाह करने गए भाई-बहन डूबे, हुई मौत

आरा17 दिन पहले
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रोते-बिलखते परिजन। - Dainik Bhaskar
रोते-बिलखते परिजन।

गड़हनी थाना क्षेत्र के दुलारपुर गांव में पुरानी मूर्ति और भगवान पर चढ़ाया पुराना फूलों काे आहर में प्रवाह करने गये भाई- बहन की डूबने से मौत हो गई। मृतक 8 वर्षीय अरमान कुमार उर्फ मुटुर और 5 वर्षीय वर्षा कुमारी, दुलारपुर निवासी उपेंद्र सिंह के पुत्र-पुत्री थे। इस घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। लोग आहार की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने आहर के किनारे शव को उपलाते देखकर इसकी सूचना गड़हनी थाना को दिया।

सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। परिजनों ने बताया कि गुरुवार को अरमान और वर्षा दोनों अपने घर से सुबह 7 बजे पुरानी फोटो और पुराने फूल लेकर आहर में प्रवाह करने के लिए गये थे। आहार किनारे पहुंचने पर काई के कारण वर्षा का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरी। अपनी बहन को डूबते देख भाई ने भी आहर में छलांग लगा दिया। जिससे दोनों भाई-बहन की मौत हो गई।

दोनों जब काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो परिजन खोजने के लिए आहार के तरफ गए। इसी दौरान आहर के दूसरे तरफ शव को उपलाते हुए देखा और ग्रामीणों ने देखा कि आहार के किनारे दो चप्पल 2 जोड़ी चप्पल रखा हुआ है। शव को देखकर ग्रामीणों ने आहार में छलांग लगा दी।

कुछ देर के बाद दोनों भाई बहन का शव निकाल लिया गया। गड़हनी थाना ने शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया।

बहन का पैर फिसला तो वो डूबने लगी, भाई ने बचाने के लिए लगाई छलांग

शव पहुंचते ही मचा कोहराम
दोनों भाई बहन का शव पोस्टमार्टम कराने के बाद जैसे ही घर पहुंचा, वैसे ही गांव में शोक छा गया। काफी संख्या में ग्रामीण उपेंद्र सिंह के दरवाजे पर पहुंचे। ग्रामीण आपस मे चर्चा कर रहे थे कि हमेशा आहर के करीब कुछ लोग हमेशा बैठे रहते थे। लेकिन, आज सुबह कोई नहीं था।

घर से इस घटना को सुनकर विधायक मनोज मंजिल शोकाकुल परिवार से मिलने के लिए पहुंचे। विधायक ने कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसडीएम से बात की औऱ मुआवजा दिलवाने की मांग की, 9 अक्टूबर को चार-चार लाख की चेक देने की बात कही गई।

मृतक भाई-बहन का फ़ाइल फोटो।
मृतक भाई-बहन का फ़ाइल फोटो।

पूजा की तैयारी में लगे थे घर के लोग
दुर्गा पूजा को लेकर उपेंद्र सिंह के घर में बच्चे लोग काफी तैयारी कर रहे थे। घर में कलश स्थापित करने के भी तैयारी पूरी हो चुकी थी। उपेंद्र सिंह ने बताया कि मैं बोला भी था कि घर जल्दी आना, ताकि पूजा सही समय पर हो सके। लेकिन, बच्चे घर नहीं लौटे...कहते हुए फफक कर रो पड़े।

मृतक की मां बार-बार यही कहती थी कि अब हम किसके सहारे जीएंगे...अब हम बेटी किसको कहेंगे.. कहते हुए गश खाकर गिर जाती..। किसी तरह लोगों ने उसके चेहरे पर पानी के छींटे मारकर होश में लाया। उपेंद्र सिंह के तीन संतान थे। बड़ा पुत्र अरुण कुमार 10 साल का है, वह पटना में रहता है। दोनों की मौत से गांव में भी मातम पसरा हुआ है।

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