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लापरवाही:5.68 लाख मवेशियों में सिर्फ 20 हजार की हुई ईयर टैगिंग

आरा7 दिन पहले
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  • भोजपुर जिले में पशुपालन विभाग की ओर से अप्रैल 2019 से योजना शुरू हुई थी ईयर टैगिंग की योजना
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भोजपुर जिले में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण प्रोग्राम (एनएडीसीपी) मंद गति से चल रहा है। सरकार के द्वारा दिया गया लक्ष्य को पशुपालन विभाग पूरा नहीं कर पा रहा है। अप्रैल 2019 में इस योजना के तहत पशुओं के कान में ईयर टैगिंग टैगिंग (रजिस्ट्रेशन) शुरू किया गया था। इसके बाद पशुओं का आधार कार्ड बनाकर किसान को सौंप देना था। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पशुपालन विभाग ने अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया है।

भोजपुर जिला में 2019 पशुगणना के आधार पर 5 लाख 68 हजार पशु हैं। जिसमें 21034 पशुओं का का टैगिंग (रजिस्ट्रेशन) किया गया है। इधर, पशुपालन पदाधिकारी का दावा है कि वित्त वर्ष 2020-21में इस कार्य फाइनल कर लिया जाएगा। दूसरी तरफ एनआईएपी के तहत विभाग को सिर्फ गर्भवती पशुओं का ही टैगिंग करने का प्रावधान था। लेकिन सितंबर 2019 में इसमें कुछ बदलाव करके सभी प्रकार के पशुओं को टैगिंग करने का कार्य शुरू किया गया। वर्तमान में ईयर टैगिंग का काम हो रहा है।

लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुआ जिले में ईयर टैगिंग का काम
पशुपालन विभाग के अनुसार संसाधन की कमी के वजह से लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। प्राइवेट वैक्सीनेटर अपने काम को स्थाई नौकरी कराने के लिए हड़ताल पर चले गए। इसके बाद मवेशियों का टैगिंग करने का काम रुक गया गया। पटना में पशुपालन विभाग के समक्ष धरना- प्रदर्शन करने के बाद सरकार के द्वारा आश्वासन मिलने के उपरांत प्राइवेट वैक्सीनेटर कार्य पर लौटे। लॉकडाउन के कारण भी टैगिंग का काम प्रभावित हुआ।

पशुओं की ईयर टैगिंग के लिए बना है कोषांग
ईयर टैगिंग के लिए जिला स्तर पर एक नियंत्रण कोषांग का गठन विभाग के द्वारा किया गया है। सफदर इमाम को नोडल पदाधिकारी और एक विशेष उप निदेशक बनाया गया है। जिन पशुपालकों को मवेशी का ईयर टैगिंग कराना है,वे मोबाइल नंबर 9430223664 पर किसान कॉल कर सकते हैं।
पशुओं को रोगमुक्त रखने में सहायक है नि:शुल्क ईयर टैगिंग
टैगिग करने के बाद मवेशियों का बीमा, टीकाकरण का प्रावधान है। मवेशी के बीमार होने पर विभाग विशेष ध्यान देगा। जिन मवेशियों का ईयर टैगिंग नही होगा, पशुपालक को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इस के लिए मवेशी पालकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। पशुपालन विभाग के कर्मी किसान के डोर टू डोर जाकर ईयर टैगिंग का काम करेंगे।

स्टाफ, संसाधन व हड़ताल की कमी के वजह से लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। इसके लिए पशुपालन विभाग अपने स्तर से तेजी से काम कर रहा है। - सिद्धनाथ राय, पशुपालन पदाधिकारी, भोजपुर।

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