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खुशहाली की दुआ मांगी:कोरोना की तीसरी लहर की आहट के बीच लोगों ने घरों में रहकर मनाया कुर्बानी का पर्व बकरीद

औरंगाबाद9 दिन पहले
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कोरोना के तीसरे लहर के आहट बीच लोगों ने बुधवार को कुर्बानी के प्रतिक पर्व बकरीद की नमाज अपने- अपने घरों में रहकर अदा की। वहीं देश की खुशहाली के लिए दुआ मांगी। कोरोना वायरस के प्रसार पर नियंत्रण के लिए मस्जिदों समेत तमाम धार्मिक स्थल बंद हैं। प्रशासन से लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने लोगों से घर पर ही बकरीद की नमाज अदा करने का आग्रह किया था। अनलॉक में दिशा-निर्देशों और मानदंडों को ध्यान में रखते हुए घरों में ही बकरीद की नमाज अदा करते हुए नजर आए। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में त्याग व बलिदान के प्रतीक बकरीद का पर्व लोगों ने भारी उत्साह के साथ मनाया। इधर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था भी चुस्त-दुरुस्त दिखी। दंडाधिकारी के साथ भारी संख्या में पुलिस जवान भी तैनात रहे। इसके साथ- साथ घरों पर ही बकरे की कुर्बानी दी गई।

इमाम गुलाम रसूल ने कहा कि बकरीद का तात्पर्य सिर्फ कुर्बानी देना ही नहीं, बल्कि अल्लाह ताला एवं खुदा के समक्ष अपनी अजीज इच्छाओं एवं भावनाओं को समर्पण करने का पर्व है। लोग हजरत इब्राहिम की कुर्बानियों का अपने जीवन में अमल करें। जिसने खुदा के समक्ष अपने इकलौते पुत्र की कुर्बानी देकर दुनिया को त्याग और बलिदान का संदेश दिया था। ईद-उल-अजहा की नमाज हर शख्स पर वाजिब है।

जिले में मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी रहे तैनात
पूरे जिले में 200 मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी जगह-जगह तैनात किए गए। वहीं संवेदनशील जगहों पर 500 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया था। शहर के जामा मस्जिद के पास पुलिस अधिकारी व जवान कैम्प में डटे हुए थे। विभिन्न रूटों पर पुलिस जवान व अधिकारी बाइक व चारपहिया वाहन से भी गश्त कर रहे थे। नगर थाना अध्यक्ष अंजनी कुमार ने बताया कि बकरीद का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

हर स्तर पर निगरानी की जा रही थी। इसके अलावे रफीगंज, नवीनगर, मदनपुर, बारूण, कुटुंबा, दाउदनगर, ओबरा , देव, हसपुरा, गोह सहित अन्य प्रखंडों में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बकरीद का पर्व मनाया। प्रेम-भाईचारा,शांति सदभाव और सौहार्द का प्रतीकात्मक यह त्योहार है।

रफीगंज में भी लोगों ने अपने घरों पर मनाया पर्व
बकरीद के मौके पर भी लॉक डाउन के कारण स्थानीय प्रशासन ने सामूहिक नमाज की इजाजत नहीं दी। रफीगंज में तड़के सुबह से ही पुलिस बल की गश्ती होती रही। किसी को भी ईदगाह और मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाज़त नहीं थी। खुद शहर के तमाम मस्जिदों के इमाम ने भी अपील जारी कर लोगों से सादगी से पर्व मनाने की अपील की थी। लोगों ने कहा ऐसा लगातार दूसरी बार हुआ है जब आज बकरीद के मौके पर ईदगाह और मस्जिदें सूनी रही। मदनपुर प्रखंड क्षेत्र में कोरोना गाइडलाइन पालन करते हुए मुसलमानों ने अपने अपने घरों में बकरीद का नमाज अदा किए। मो.गांधी खां ने कहा कि बकरीद का त्योहार त्याग,बलिदान और तपस्या का है। कोरोना महामारी के गाइडलाइन के अनुरुप पर्व मना।

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