दो भाइयों की हत्या करनेवाले को आजीवन कारावास:औरंगाबाद में गोलीमार व टांगी से काटकर हुई थी हत्या, 14 साल बाद सजा का ऐलान

औरंगाबाद16 दिन पहले
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साल 2007 में पौथू के ईटवा गांव में हुई थी वारदात। - Dainik Bhaskar
साल 2007 में पौथू के ईटवा गांव में हुई थी वारदात।

गोली मारकर व टांगी से काटकर दो भाइयों की हत्या करने वाले दोषी को कोर्ट ने आखिरी सांस तक कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ 29 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर अतिरिक्त सजा होगी। दोषी नारायण शर्मा उर्फ नारायण सिंह पौथू थाना क्षेत्र के ईटवां गांव का रहने वाला है। उक्त अभियुक्त को औरंगाबाद सिविल कोर्ट के एडीजे-12 डॉ दिनेश कुमार प्रधान ने पौथू थाना कांड संख्या-31/07 में सुनवाई करते हुए यह सजा सुनाई है।

अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि दोषी को धारा-147 में एक साल की सजा व एक हजार जुर्माना, 148 में एक साल सजा व एक हजार जुर्माना, 324 में दो साल की सश्रम कारावास व दो हजार जुर्माना, 302/149 में आजीवन कारावास की सजा व 25 हजार जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर अतिरिक्त सजा होगी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।

सरकार की ओर से एपीपी बबन प्रसाद व बचाव पक्ष से अनील कुमार चौबे ने बहस में भाग लिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाया। सजा सुनते ही दोषी फफक कर रोने लगा। कम से कम सजा सुनाने की अपील की।

दो भाइयों की हत्या मामले में बनाए गए थे 10 अभियुक्त
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि 17 सितंबर 2007 को पौथू थाना क्षेत्र के ईटवा गांव निवासी योगेन्द्र शर्मा व उसका भाई जय गोविंद शर्मा की हत्या गांव के समीप पुल के पास गोली मारकर व टांगी से काटकर कर दी गई थी। इसके बाद सूचक रामश्लोक शर्मा द्वारा पौथू थाना में कांड संख्या 31/07 दर्ज कराया गया था।

इसमें नारायण शर्मा समेत 10 लोगों को आरोपित बनाया गया। लेकिन एकमात्र अभियुक्त नारायण शर्मा उर्फ नारायण सिंह पर 23 मई 2015 को आरोप गठन हुआ था। जबकि चार जनवरी 2022 को दोषी करार दिया गया। वहीं सजा के बिंदू पर शुक्रवार को सुनवाई की गई। बताते चलें कि भूमि विवाद को लेकर सूचक राम श्लोक शर्मा की भी हत्या 2010 में कर दी गई थी।