पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

औरंगाबाद के चार गांवों मे डायरिया का कहर:नक्सल प्रभावित इलाके में एक ही परिवार के छह सदस्य अस्पताल में भर्ती, दो की मौत, दर्जनों गंभीर रुप से पीड़ित

औरंगाबाद10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
अस्पताल में भर्ती पीड़ितों को देखने पहुंचे समाजसेवी प्रमोद सिंह। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में भर्ती पीड़ितों को देखने पहुंचे समाजसेवी प्रमोद सिंह।

औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र के चार गांवों में डायरिया ने कहर बरपाया है। इस बीमारी से लगभग सौ घरों के लोग गंभीर रूप से प्रभावित हैं। यहां तक कि इस बीमारी ने दो मासूमों की जिंदगी भी छिन ली है। मिली जानकारी के अनुसार मदनपुर प्रखंड के खिरियावां पंचायत के चार गांव कोल्हुआ, शहीद बिगहा, मौल्वी और चिकनिया टांड गांव में डायरिया ने अपना पांव पसार लिया है। इससे एक ही परिवार के सात सदस्य पीड़ित होकर औरंगाबाद सदर अस्पताल में भर्ती हैं।

इनमें से एक 12 वर्षीय बच्ची सुनैना कुमारी की मौत हो गई है, तो वहीं बेरी गांव के एक बच्चे की भी मौत शुक्रवार की रात हो गई है। मृतक बच्ची सुनैना के पिता सहित परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रुप से पीड़ित हैं। अब तक मिली जानकारी में 30 से 35 लोग गंभीर रुप से प्रभावित हैं। इनमें से सात मरीज औरंगाबाद के सदर अस्पताल में हैं, तो वहीं बाकी सभी मरीजों को गया मगध मेडिकल में रेफर कर दिया गया है।

अस्पताल में भर्ती पीड़ितों को देखने पहुंचे समाजसेवी प्रमोद सिंह ने कहा कि इलाज की कमी और सिस्टम की फेल्यर ने ही इन लोगों की जान ली है। डायरिया से पीड़ित इन मरीजों को देखने वाला कोई नही है।

डायरिया का बढ़ता रहा प्रकोप, अंजान बना रहा स्वास्थ्य सिस्टम

लगभग चार गांव के सौ घरों के लोगों के संक्रमित होने की बात कही जा रही है। यहां तक कि 30 से अधिक लोग डायरिया से पीड़ित हैं। लेकिन जिले का स्वास्थ्य सिस्टम इन सबसे अंजान बना है। प्रभावित गांव से 4 किलोमीटर दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र होने के बावजूद न तो डॉक्टर पहुंच सके हैं और न ही कोई मदद पहुंची है। हालांकि इस विषय में सिविल सर्जन विरेन्द्र से बात की गई तो उन्ंहोने कहा कि इसकी जानकारी प्राप्त हुई है। तत्काल प्रभावित क्षेत्र के डॉक्टरों की टीम भेजी जा रही है।

खबरें और भी हैं...