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क्रूर मां ने 6 माह के बेटे का गला घोंटा:पारिवारिक कलह में ले ली जिगर के टुकड़े की जान, सुबह पिता ने गोद में उठाया तो सन्न रह गया, बेड पर मरा पड़ा था बेटा

औरंगाबाद3 महीने पहले
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महिला से पूछताछ करती पुलिस। - Dainik Bhaskar
महिला से पूछताछ करती पुलिस।

औरंगाबाद में एक क्रूर मां ने अपने 6 माह के बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। इसकी वजह घरेलू कलह बताई जा रही है। हत्या का खुलासा तब हुआ जब बच्चे का पिता सुबह उसे गोद में लेने के लिए कमरे में पहुंचा। बच्चे की आंखें बंद थी तो पिता थपकियां देकर जगाने लगा। फिर भी वह नहीं जागा तो उसकी नाड़ी चेक की। बच्चा मरा हुआ था। इसके बाद तो पिता चीखने-चिल्लाने लगा। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। घटना मदनपुर थाना क्षेत्र के प्रेस रोड की है।

घटना की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष आनंद कुमार गुप्ता दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन में जुट गए। महिला सिपाहियों ने हत्यारोपी ज्योति कुमारी को हिरासत ले लिया और बच्चे के शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।

आदित्य।
आदित्य।

घटना के बाद से इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह महिला किसी बात को लेकर गुस्सा थी, जिसके बाद उसने आदित्य की हत्या कर दी।

8 साल पहले हुई थी शादी
मदनपुर के दुर्गा चौक निवासी अरविंद कुमार की शादी रोहतास के नवहट्टा थाना निवासी गोवर्धन साव की बेटी ज्योति से 8 साल पहले हुई थी। शादी के कुछ दिन तक सब ठीक रहा, लेकिन बाद में ज्योति की तबीयत खराब रहने लगी। ससुराल वालों का आरोप है कि इसके बाद ज्योति अपने सास-ससुर और अन्य लोगों से लड़ाई-झगड़ा करने लगी थी। अरविंद ने उसका इलाज भी करवाया, लेकिन कुछ ठीक नहीं हुआ। अरविंद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का CSP (Customer Service Point) संचालक है।

पारिवारिक कलह से बचने के लिए औरंगाबाद में शिफ्ट हुआ था
अरविंद ने पारिवारिक कलह को शांत करने के लिए औरंगाबाद शहर के प्रेस रोड में एक मकान किराए से ले लिया था। जब तक अरविंद और ज्योति मदनपुर में रहे, पारिवारिक कलह से घर में अशांति का वातावरण रहा। यहां भी तनाव कम नहीं हुआ। पति-पत्नी के बीच कलह और मारपीट होती रहती थी।

गोद में लिया तो आदित्य मर चुका था
अरविंद कुमार ने बताया ज्योति कुछ महीने पहले अपनी बहन के घर चली गई थी। 2 महीने पहले ज्योति के जीजा और बहन उसे मेरे पास पहुंचा गए थे। तब से वह मेरे ही साथ किराए के मकान में रह रही थी। गुरुवार देर रात जब मैं घर पर गया तो दरवाजा खटखटाने लगा। ज्योति ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद मैं मदनपुर चला गया। शुक्रवार सुबह जब औरंगाबाद पहुंचा तो घर का दरवाजा खुला हुआ था। बेटे को जगाने का प्रयास किया तो वह नहीं जागा। उसे गोद में उठाया तो पता चला कि वह मरा हुआ था।

पति को भी मारने के लिए चाकू लेकर दौड़ी थी
स्थानीय लोगों ने बताया कि महिला गुरुवार दिन में पति को भी चाकू लेकर मारने के लिए दौड़ी थी, लेकिन पति जान बचाकर भाग गया। आसपास के लोगों के अनुसार, महिला विक्षिप्त है। हमेशा इस तरह की हरकत करती रहती है।

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