कोरोना गाइडलाइन के साथ स्कूल शुरु:औरंगाबाद के स्कूलों में आने लगे बच्चे; इधर सड़कों पर बोरा बेच रहे शिक्षक

औरंगाबाद4 महीने पहले
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औरंगाबाद के स्कूलों में आने लगे बच्चे; इधर सड़कों पर बोरा बेच रहे शिक्षक। - Dainik Bhaskar
औरंगाबाद के स्कूलों में आने लगे बच्चे; इधर सड़कों पर बोरा बेच रहे शिक्षक।

एक तरफ जहां आज से प्राथमिक स्कूलों को खोल दिया गया है तो वहीं दूसरी ओर स्कूली शिक्षक सड़क पर बोरा बेच रहे है। बिहार राज्य प्रारम्भिक शिक्षक संघ के द्वारा सोमवार की शाम बोरा बेचों अभियान कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षा पदाधिकारी ऑफिस के बाहर आवाज लगा कर बोरा बेचने का काम किया गया।

शिक्षक संघ मीडिया प्रभारी अशोक पांडेय ने बताया की बिहार सरकार लगातार हम शिक्षकों के साथ अन्याय करते आ रही है। सरकार का कहना है की पांच साल पहले का मध्याह्न भोजन का बोरा 10 रुपये बेचकर पैसे जमा कराए। पांच साल पुराना बोरा जो की अब किसी काम का नहीं बचा उसे बेचने को सरकार कह रही है, आखिर शिक्षक क्या-क्या करें, मध्याह्न भोजन का अंडा मशाला का खरीद करें, बोरा भी बेचें और जब इसका विरोध करें तो सरकार के तरफ से निलंबित कर दिया जाता है।

आपकों बता दें कुछ दिन पहले कटिहार जिले के शिक्षक (प्रभारी) तमीजउद्दीन द्वारा चावल का बोरा बेचने का आदेश का पालन किया जा रहा था, परंतु निर्देशक द्वारा तमीजउद्धीन पर शिक्षा विभाग का छवि खराब करने का आरोप लगा कर निलंबन का आदेश दिया। जिससे उनको निलंबित कर दिया गया है।

स्कूल खुलते ही छात्रों के चेहरे पर लौट आई रौनक

बिहार सरकार के आदेशानुसार आज से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए प्राथमिक स्कूलों को खोल दिया गया है। वहीं स्कूल खुलते ही बच्चों के चेहरे पर मुस्कान दिखी, बच्चे मास्क पहन स्कूल में पढा़ई कर रहे थे। शिक्षक रमेश सिंह ने बताया स्कूल में बच्चों को देख मन प्रसन्न है, हालांकि अभी भी कोरोना का खतरा बरकरार है। बच्चों को सोशल डिस्टेंस कर बैठाया गया है और उम्मीद है धीरे-धीरे स्कूल सुचारू रूप से चलेगा।

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