गोरखधंधा:भ्रूण जांच करने वाला लैब डर से बंद, बेटियों को मारने वाले झोलाछाप डॉक्टर का क्लिनिक चालू

औरंगाबादएक वर्ष पहले
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30 तारिख के अंक में छपी खबर - Dainik Bhaskar
30 तारिख के अंक में छपी खबर
  • सात दिन पहले जांच टीम गठित, आखिर कार्रवाई में ढिलाई क्यों? कब बंद होगा मासूमों की जान से खिलवाड़

गर्भ में बेटियों के मारने वाला अस्पताल व गर्भ में लिंग परीक्षण करने वाला अल्ट्रासाउंड भास्कर स्टिंग में बेनकाब हुए थे। इसके बाद दाउदनगर एसडीओ द्वारा जांच के लिए एक टीम भी गठित करने की बात कही गई, लेकिन आज तक उक्त टीम न अल्ट्रासाउंड के जांच करने गई न उक्त अस्पताल तक पहुंची।

जबकि खबरों में सबकुछ साफ था। 30 जून के अंक में दैनिक भास्कर में बोर्ड पर लिखा है-अपराध, मगर अल्ट्रासाउंड से बेटी देख आठ हजार रुपए अल्ट्रासाउंड की ले रहे सुपारी शीर्षक से पूरे सूबे में यह खबर प्रमुखता से छपी थी। इस खबर में दाउदनगर के भखरूआ मोड़ समीप मां विंध्यवासिनी अल्ट्रासाउंड सेंटर व थाने के समीप झोलाछाप डॉक्टर के एक अस्पताल को बेनकाब किया गया था।

इस खबर के बाद सूबे के अन्य जिलों में अवैध क्लिनिक व अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। लेकिन जिस शहर के अल्ट्रासाउंड व झोलाछाप डॉक्टर बेनकाब हुए। वहां प्रशासन जांच टीम गठित कर अपनी कार्रवाई की खानापूर्ति कर दिया। 

सात दिन पहले जांच टीम गठित, आखिर फिर कार्रवाई में सुस्ती क्यों? 
दाउदनगर एसडीओ अनुपम सिंह द्वारा उक्त लैब व झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक समेत पूरे अनुमंडल में औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। लेकिन यह जांच टीम वास्तव में गठित हुआ या सिर्फ मौखिक खानापूर्ति है। ये कहना मुश्किल। क्योंकि सात दिन पहले एसडीओ द्वारा जांच टीम गठित करने की पुष्टि की गई थी।

अगर जांच टीम वाकई गठित हुआ तो चंद किमी में फैले दाउदनगर शहर के इन गोरखधंधे के अड्‌डो तक जांच टीम को पहुंचने में देर क्यों हो रही है? क्या इसके पीछे भी कोई राज है? आखिर इन गोरखधंधों पर कार्रवाई कब होगी? कब तक गर्भ में बेटियां मारी जाती रहेंगी? सूत्रों की मानें तो दाउदनगर के जिस अस्पताल को स्टिंग में दिखाया गया था। उसके आसपास कई अन्य भी झोलाछाप डॉक्टरों के अवैध क्लिनिक संचालित होता है। हालांकि वहां परिचित लोगों के सहारे ही आप इंट्री मार सकते हैं, लेकिन वहां भी गर्भपात कराना कोई बड़ी बात नहीं। 

45 मिनट की डील में बेनकाब हो गए थे अल्ट्रासाउंड व झोलाछाप डॉक्टर
45 मिनट के भास्कर स्टिंग में दाउदनगर थाने के समीप अवैध क्लिनिक का झोलाछाप डॉक्टर और भखरूआ मोड़ के मां विंध्यवासिनी अल्ट्रासाउंड सेंटर बेनकाब हो गए थे। डॉक्टर गर्भ गिराने के लिए तैयार हो गया था और बेटी व बेटा के जांच के लिए अल्ट्रासाउंड में भेजा था। फिर अल्ट्रासाउंड संचालक ने गर्भ को जांच कर 90 दिन से कम का बताकर बेटा-बेटी में अंतर नहीं बता पाया था। लेकिन 4500 रुपए जांच में जरूर लिया था। हुआ कुछ यूं था। इस गोरखधंधे को बेनकाब करने के लिए भास्कर टीम पूरे बिहार में लगी थी।

औरंगाबाद टीम को दाउदनगर के डॉक्टर व अल्ट्रासाउंड सेंटर के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पता चला कि बगैर महिला को उनसे बात करना संभव नहीं। इसके बाद भास्कर टीम ने कम दिन के गर्भवती महिला को इस काम के लिए तैयार किया। महिला बेटियों की गर्भ में मारने के खिलाफ इस मुहिम में अपना योगदान दी। महिला व भास्कर टीम डॉक्टर के पास पहुंची। डॉक्टर चेक किए और समस्या पूछा। हमने बताया कि सर पहले से तीन बच्ची है। पत्नी फिर से गर्भवती है। अगर फिर बेटी हुई तो परेशानी हो जाएगी। इसीलिए भ्रूण जांच कराना है और अगर बेटी हुई तो इसका उपाय भी आपको करना होगा। डॉक्टर झट से तैयार हो गए और बोले ये कौन बड़ी बात? जाईए भखरूआ मोड़ अल्ट्रासाउंड हो जाएगा। वहां का रिपोर्ट सही है। फिर जैसा होगा काम फटाक से हो जाएगा।

चिंता छोड़ दीजिए। फिर उक्त महिला को लेकर भास्कर टीम अल्ट्रासाउंड लैब पहुंची। टेक्नीशियन ने इसके लिए पांच हजार रेट बताया। डॉक्टर साहब के नाम पर 500 छोड़ा। 4500 रुपए लेकर फिर अल्ट्रासाउंड किया। लेकिन गर्भ तीन महीने का नहीं था। लिहाजा जांच में कुछ भी नहीं आया। उसने कहा अभी बच्चा काफी छोटा है और कमजोर। इसलिए जांच में नहीं आ रहा, बेटा है बेटी? जाईए विटामीन खिलाईए। 10 दिन बाद आईएगा। सब स्पष्ट हो जाएगा। हमने कहा देर हो गया तो मुश्किल हो जाएगा। आईएगा हम आठ महीना तक के बच्चा का गर्भपात करा देंगे।

जल्द होगा औचक निरीक्षण, ठोस होगी कार्रवाई : एसडीओ
दाउदनगर एसडीओ अनुपम सिंह ने बताया कि जांच टीम गठित है। बहुत जल्द दाउदनगर के साथ-साथ पूरे अनुमंडल में यह टीम औचक निरीक्षण कर मुझे रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद उनपर ठोस व सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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