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हसपुरा से खबर:अबतक तीन मुखिया हो चुके बर्खास्त, दो का विभाग में गया प्रस्ताव, 200 वार्ड सदस्यों पर चुनाव से पूर्व गिरेगी गाज

औरंगाबाद24 दिन पहले
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नल-जल में छल कर जनता के पानी का पैसा पीने वाले तीन लोगों पर प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराया है। मामला हसपुरा प्रखंड के अमझर सरीफ पंचायत के वार्ड सात से जुड़ा है। हसपुरा थाने में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी राम नरेश चौधरी ने आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराया है। जिसमें वार्ड सात के क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष रूबिया देवी, सचिव पुष्पा देवी व पूर्व सचिव शैलेश कुमार को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुष्पा देवी पर नल-जल के खाते से एक लाख रूपए अवैध निकासी करने का आरोप है। 50-50 हजार रूपए अलग-अलग दो बार निकासी की है। जबकि पूर्व सचिव शैलेश कुमार पर 60 हजार अवैध निकासी कर गबन करने का आराेप है। ये दोनों जारी किए गए चेक पर अध्यक्ष रूबिया देवी का हस्ताक्षर है। विभाग का मानना है कि अध्यक्ष के मिलीभगत से पूरा खेल हुआ। इसीलिए तीनों समान दाेषी हैं।

दैनिक भास्कर की खबर पर एक्शन, डीएम दिया कार्रवाई का आदेश

दैनिक भास्कर ने 28 जून को हसपुरा में नल-जल योजना में लूट की खबर को प्रमुखता से जगह दी थी। करोड़ों के खर्च के बावजूद नल-जल योजना में छल 2700 घरों में अभी भी नहीं मिल रहा एक बुंद जल शीर्षक से प्रकाशित किया था। इस खबर को डीएम सौरभ जोरवाल गंभीरता से लिया और जांच के साथ कार्रवाई का निर्देश दिया।

डीडीसी अंशुल कुमार इस मामले को खुद मॉनिट्रिंग कर जिला पंचायती पदाधिकारी मुकेश कुमार को जांच कर कार्रवाई के बारे में अपडेट लेते रहे। जांच में आरोप सत्य निकला। जिसके बाद प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी राम नरेश चौधरी को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया। जिसके बाद उन्होंने आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराया।

दैनिक भास्कर ने अपने खबर में हसपुरा प्रखंड के कई पंचायतों का पड़ताल किया था। जिसमें हसपुरा पंचायत के वार्ड 9,8 व 7 के टंकी ध्वस्त होने की तस्वीर के साथ बात बताई थी। अमझर सरीफ पंचायत और पीरू व मलहारा पंचायत में गड़बड़ी बताया था। अभी अमझर सरीफ पंचायत के वार्ड सात पर गाज गिरी है। अन्य की धड़कनें तेज हैं। जहां-जहां गड़बड़ी है, गाज गिरना तय है।

70 पंचायत सचिवों पर भी गाज गिरी, वेतन रोकने की कार्रवाई

सीएम नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट नल-जल योजना में छल करने वाले जिले के तीन मुखिया बर्खास्त हो चुके हैं। जबकि दो मुखिया को बर्खास्त करने के लिए निदेशालय में प्रस्ताव भेजा गया है। गोह के अमारी, देव प्रखंड के पवई और एरौरा मुखिया बर्खास्त हो चुके हैं। इनपर लाखों-करोड़ों गबन का आरोप था। जबकि मदनपुर के एरकीकला और नवीनगर के अंकोरहा पंचायत के मुखिया का प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है।

जिला पंचायती पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि योजना में गड़बड़ी करने के मामले में तीन तकनीकी सहायकों को बर्खास्त किया गया है। 70 पंचायत सचिवों पर भी गाज गिरी है और वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। 200 वार्ड सदस्य को नोटिस भेजा गया है। आईपीसी की धारा 403, 409 के तहत एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की गई है। सूत्रों के अनुसार चुनाव से पूर्व इनपर गाज गिर सकती है। क्योंकि सरकार और जिला प्रशासन सख्त है। अभी हाल ही में बारूण प्रखंड के कोचाढ़ पंचायत में 1.17 करोड़ का घोटाला सामने आया था। मामले में भी डीएम ने एफआईआर का आदेश दिए हैं।

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