लापरवाही / सदर अस्पताल में कमजोर व्यवस्था, इमरजेंसी में बिना डॉक्टर के तड़प रहा था मरीज, जिसकी ड्यूटी वो बीमार

इमरजेंसी में तड़पता मरीज व गायब डॉक्टर। इमरजेंसी में तड़पता मरीज व गायब डॉक्टर।
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इमरजेंसी में तड़पता मरीज व गायब डॉक्टर।इमरजेंसी में तड़पता मरीज व गायब डॉक्टर।

  • दैनिक भास्कर ने गुरूवार को सदर अस्पताल में दोपहर करीब ढाई बजे एक स्टिंग किया, जिसमें सदर अस्पताल की लापरवाही की तस्वीरें कैद हो गई
  • सदर अस्पताल के दो डॉक्टर डॉ. सुरेन्द्र कुमार व डॉ. बिजेन्द्र कुमार एक माह से गायब चल रहे हैं। गायब के पीछे छुट्‌टी का बहाना हो सकता है

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 12:56 AM IST

औरंगाबाद. सदर अस्पताल में कमजोर व्यवस्था, लाचार डॉक्टर। बीमार डॉक्टर के सहारे इमरजेंसी की सेवा। वृद्ध डॉक्टर के भरोसे ओटी की जिम्मेवारी। नौजवान डॉक्टर छुट्टी के बहाने ड्यूटी से गायब। ऐसे में हम कोरोना से जंग हम कैसे जीत पाएंगे? शिकायत के बाद दैनिक भास्कर ने गुरूवार को सदर अस्पताल में दोपहर करीब ढाई बजे एक स्टिंग किया। जिसमें सदर अस्पताल की लापरवाही की तस्वीरें कैद हो गई।

इमरजेंसी में जब हम पहुंचे तो कोई डॉक्टर नहीं था। हर्निया का एक मरीज तड़प रहा था। एक घंटे से उससे न कोई डॉक्टर मिला था और न उसे दवा दी गई थी। जब हमने इसकी खबर ली तो पता चला जिस डॉक्टर सुनील कुमार की ड्यूटी लगी है, वह खुद बीमार हैं। हम डॉ. सुनील कुमार से मिलने आगे बढ़े। वह दूसरे वार्ड में मरीज को देख रहे थे। हमने कहा आपकी ड्यूटी तो इमरजेंसी में है। उन्होंने इंजेक्शन के ट्रैक्शन लगे हुए अपना हाथ दिखाया और कहा मैं तो खुद बीमार हूं। कभी इधर दौड़ रहा हूं तो कभी उधर दौड़ रहा हूं। कितने को बचाउं। लगता है लोगों की सेवा करते-करते ही मैं खुद चला जाउंगा। उन्होंने बताया इमरजेंसी में किसी दूसरे डॉक्टर का ड्यूटी थी। लेकिन जब रोस्टर बदला तो उनकी ड्यूटी पड़ गई। लिहाजा वे हौंसला से आए और ड्यूटी कर रहे हैं। 

कई डॉक्टर गायब, बूढ़े चिकित्सक बोले-उनमें संस्कार नहीं
सदर अस्पताल में पहले से ही डॉक्टरों की भारी किल्लत है। डॉक्टरों की इसी किल्लत के कारण पौने तीन करोड़ की लागत से बनी आईसीयू अब तक नहीं शुरू हो पायी। जो डॉक्टर हैं उनमें से भी कई छुट्‌टी व कई तरह के बहाने बनाकर ड्यूटी करने से बच रहे हैं। लिहाजा बीमार व बूढ़े डॉक्टरों के सहारे सदर अस्पताल चल रहा है। हां कुछ नौजवान डॉक्टर इस विकट परिस्थिति में भी साथ दे रहे हैं। इस मसले पर रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके बूढ़े डॉक्टर महेन्द्र सिंह ने कहा कि इस महामारी के बीच जो नौजवान डॉक्टर बहाने बनाकर ड्यूटी से भाग रहे हैं। उनमें संस्कार नहीं। अगर जरा सी संस्कार होती तो इस विकट हालत में डॉक्टर अपना कर्तव्य निभाते। 

एक माह से दो डॉक्टर गायब, आलोक रंजन भी कई दिनों से नहीं आ रहे ड्यूटी
सदर अस्पताल के दो डॉक्टर डॉ. सुरेन्द्र कुमार व डॉ. बिजेन्द्र कुमार एक माह से गायब चल रहे हैं। गायब के पीछे छुट्‌टी का बहाना हो सकता है। नाम न छापने के शर्त पर एक स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि वे दोनों डॉक्टर पिछले एक माह से बिना सूचना के गायब हैं। वहीं विवाद में आने के बाद से कई दिनों से डॉ. आलोक रंजन भी ड्यूटी नहीं आ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की। फिर भी वे नहीं आ रहे हैं। डॉक्टरों की किल्लत पहले से भी है। इस संबंध में भास्कर ने पक्ष जानने के लिए डॉ. आलोक रंजन, डॉ. सुरेन्द्र कुमार व डॉ. बिजेन्द्र कुमार से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

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